आगरालीक्स…आगरा में प्रकृति प्रेमियों, बागवानी के शौकीनों और युवाओं को दिया बोन्जाई की तकनीकों की जानकारियां. पौधों के चयन, छंटाई, वायरिंग, पॉटिंग, स्टाइलिंग एवं रख-रखाव का दिया प्रशिक्षण
एल्फ गार्डेनिया बोन्जाई एंड वर्टिकल गार्डनिंग वेलफेयर सोसाइटी, आगरा द्वारा रविवार को पश्चिम पुरी में एक विशेष बोन्जाई प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह संस्था विशेष रूप से सहायता प्राप्त बालिकाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। कार्यशाला में जयपुर से पधारे भारत के जाने-माने बोन्जाई कलाकार फहाद मलिक ने प्रतिभागियों को बोन्जाई कला की बारीकियों से अवगत कराया।कार्यक्रम की मेंटर एवं फाउंडर डॉ. सुमिता डोडिया ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रकृति प्रेमियों, बागवानी के शौकीनों एवं युवाओं को बोन्जाई की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है। उन्होंने इसे केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम न मानते हुए एक निरंतर सीखने-सिखाने की यात्रा की शुरुआत बताया। उनका उद्देश्य है कि नियमित वर्कशॉप्स, एडवांस्ड सेशन्स और हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग के माध्यम से एक सशक्त बोन्जाई कम्युनिटी तैयार की जाए, ताकि प्रतिभागी भविष्य में स्वयं कुशल कलाकार बनकर इस कला को आगे बढ़ाएं और शहर को हरियाली व सौंदर्य की नई पहचान दें।
कार्यशाला में पौधों के चयन, छंटाई, वायरिंग, पॉटिंग, स्टाइलिंग एवं रख-रखाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कलाकार फहाद मलिक ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि बोन्जाई केवल एक कला नहीं, बल्कि धैर्य, संवेदनशीलता और सृजनात्मकता का विकास करने का माध्यम है। उन्होंने प्रतिभागियों को निरंतर सीखते रहने, प्रयोग करते रहने और छोटे पौधों के माध्यम से बड़े सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूजा सक्सेना, जनसम्पर्क अधिकारी एवं रेडियो प्रोग्रामिंग हेड, आगरा विश्वविद्यालय ने संस्था की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “यह प्रयास प्रकृति के प्रति जागरूकता और कौशल विकास को बढ़ावा देने वाला एक सराहनीय कदम है। आगरा जैसे शहर में इस तरह की हरित पहल होना हम सभी के लिए गर्व की बात है। मुझे विश्वास है कि यह कार्यशाला सभी प्रतिभागियों के लिए प्रेरणादायक और समृद्ध अनुभव साबित होगी। ऐसे प्रयास सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”उन्होंने सभी को हरियाली और जागरूकता का संदेश आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कार्यक्रम की सफलता की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने हेतु मुख्य अतिथियों के रूप में मिसेज लवली कथूरिया (प्रेसीडेंट, आगरा हॉर्टिकल क्लब), मिस डॉली श्रीवास्तव (Sheroes Warrior), विशिष्ट अथिति सौरभ सिंह एवं तरुण श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथि सौरभ सिंह ने अपने प्रेरक विचार व्यक्त करते हुए कहा, “अगर धैर्य को आकार दिया जा सकता, तो वह बोन्जाई होता… और अगर सपनों को पंख दिए जा सकते, तो वह प्रकृति के साथ जुड़कर ही संभव होता।”
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि प्रकृति, कला और जीवन के गहरे संबंध को समझने का एक सशक्त मंच है। सोसाइटी के प्रेसीडेंट श्री वी.एस. चौहान एवं वाइस प्रेसीडेंट श्रीमती कविता चौहान ने अतिथियों का स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापन किया। सेक्रेटरी श्री चंद्रशेखर शर्मा ने भी अपने विचार रखते हुए इस पहल को समाज के लिए उपयोगी बताया।
कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत प्रेरक पंक्तियों ने वातावरण को भावनात्मक और उत्साहपूर्ण बना दिया—
“छोटे से बीज में छुपा, एक विशाल जहाँ होता है,
धैर्य और मेहनत से ही, हर सपना साकार होता है।
प्रकृति की गोद में पलकर, हर मन निखर जाता है,
छोटी-सी शुरुआत से ही, बड़ा परिवर्तन आता है।”
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। यह कार्यशाला न केवल तकनीकी प्रशिक्षण का माध्यम बनी, बल्कि प्रतिभागियों के भीतर प्रकृति के प्रति प्रेम, धैर्य और सृजनशीलता की भावना को भी प्रबल करने में सफल रही।