आगरालीक्स ….आगरा में मंकीपॉक्स के संदिग्ध मरीजों के लिए बनाया गया आइसोलेशन वार्ड, एक मरीज को संदिग्ध मानते हुए डॉक्टरों ने की जांच, डॉक्टरों की टीम की जांच में सामने आया कि युवक को चिकनपॉक्स था, मंकीपॉक्स नहीं। हेल्प लाइन नंबर भी जारी किया गया है।
देश में मंकीपॉक्स के केस बढ़ने लगे हैं। डब्ल्यूएचओ ने भी मंकीपॉक्स को हेल्थ इमरजेंसी
घोषित किया है। मंकीपॉक्स तेजी से फैलता है इसलिए मंकीपॉक्स से संक्रमित मरीज को सामान्य लोगों से अलग रखा जाता है। इसके लिए एसएन मेडिकल कॉलेज में आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। एसएन में संचालित कोविड हॉस्पिटल के ही एक हिस्से को आइसोलेशन वार्ड बना दिया गया है। इस वार्ड में मंकीपॉक्स संदिग्ध मरीज को भर्ती किया जाएगा।

डॉक्टरों की टीम करेगी इलाज
मंकीपॉक्स से पीड़ित मरीज के इलाज के लिए मेडिसिन विभाग के डॉ. मनीष बंसल और बाल रोग विभाग के डॉ. पंकज कुमार को नोडल अधिकारी बनाया गया है। ये दोनों एसएन में भर्ती होने वाले मंपीकॉक्स के मरीजों का इलाज करेंगी।
बुखार के साथ शरीर पर निकाल आते हैं फफोले
मंकीपॉक्स से संक्रमित होने पर तेज बुखार आने के साथ शरीर पर फफोले निकल आते हैं, इसमें घाव भी हो जाता है और दर्द होता है। इसके साथ ही कमजोरी महसूस होती है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के नियन्त्रण केंद्र के फौन नंम्बर 0562 – 2600412 एवं मोबाइल नं 9458569043 पर 24 घन्टे सम्पर्क कर सकते हैं । चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग स्वास्थ्य विभाग जनता की सेवा में 24 घन्टे तैयार रहता हैं।