आगरालीक्स…आगरा में मिशन शक्ति केन्द्रों की पहल से घरेलू हिंसा से पीड़ित 100 महिलाओं के खुले बैंक एकाउंट. रानी लक्ष्मी बाई सम्मान कोष योजना के तहत मिलेगा लाभ
महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष योजना अब जमीनी स्तर पर प्रभाव दिखा रही है. इस योजना का उद्देश्य महिलाएं और युवतियों के खिलाफ घरेलू हिंसा के मामलों में पीड़िताओं को समय रहते आर्थिक सहायता और पुनर्वास समर्थन प्रदान करना है, ताकि वे अपने जीवन को आत्मसम्मान के साथ दोबारा शुरू कर सकें.
एक ही मंच पर सभी सुविधाएं
इस योजना को और सशक्त बनाने के लिए मिशन शक्ति अभियान के तहत प्रदेश में पहली बार आगरा जनपद ने एक अनोखी पहल की है. यहां मिशन शक्ति केन्द्रों की मदद से पीड़िताओं के बैंक खाते खोलने, परामर्श, कानूनी सहायता और पुनर्वास सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही हैं. यह व्यवस्था महिलाओं को न केवल आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित कर रही है, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी उन्हें समय पर मिल सके, इसका भी ठोस प्रबंध किया गया है.
जल्द आएगी 100 खातों में रकम
हर थाने पर स्थापित मिशन शक्ति केन्द्र अब बैंक अधिकारियों के साथ सीधा समन्वय स्थापित कर रहे हैं. इससे पीड़िताओं के खातों के खुलने के प्रोसेस तेज हो गया है. जहां पहले कागजी कार्यवाही और खानापूर्ती में हफ्तों लग जाते थे, वहीं अब मिशन शक्ति टीमों की पहल से यह काम कुछ ही दिनों में पूरा हो रहा है. इस पहल के तहत अब तक लगभग 100 पीड़िताओं के बैंक खाते खोले जा चुके हैं, जिससे उन्हें रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष के तहत मिलने वाली सहायता राशि जल्द प्राप्त हो सकेगी.
सक्षम बनाने की पहल
योजना का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना और समाज में आत्मविश्वास के साथ पुन स्थापित करना है. मिशन शक्ति केन्द्रों में प्रशिक्षित काउंसलर न केवल परामर्श दे रहे हैं, बल्कि पीड़िताओं को कानूनी सहायता, स्वास्थ्य सेवाएं और बहाली के अवसरों से भी जोड़ रहे हैं.
पीड़िता को न्याय, सुरक्षा और सम्मान
जिला प्रशासन का यह मॉडल अब प्रदेश के अन्य जनपदों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस पहल को अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा, ताकि कोई भी पीड़िता सहायता से वंचित न रहे.
इस पहल के पीछे मिशन शक्ति टीमों का लक्ष्य है कि हर पीड़िता को न्याय, सुरक्षा और सम्मान” मिले और वह अपने जीवन की नई शुरुआत आत्मबल और आत्मसम्मान के साथ कर सके.
समिति देगी स्वीक़ति
बैंक अकाउंट में भुगतान की अंतिम स्वीकृति डीएम अरविंद बंगारी के अधीन एक समिति द्वारा की जाती है, जिसमें डीसीपी सिटी, सैय्यद अली अब्बसा शामिल होते हैं. 304 से पीड़ितों के बच्चे जो 18 वर्ष से कम उम्र के हैं, उनके खाते डीएम के संरक्षण में खोले जाते हैं.
रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष योजना आगरा में न केवल प्रशासनिक संवेदनशीलता का उदाहरण है, बल्कि यह उस सशक्त समाज की ओर बढ़ते कदम का प्रतीक भी है, जहां महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण केवल सरकारी घोषणाएं नहीं, बल्कि वास्तविक परिवर्तन बन चुके हैं. ये आर्थिक रिहैबिलिटेशन की दिशा में बड़ा कदम है, सममान कोष से इन्हें पहचान मिल सकेगी.
अमीषा, एसीपी, वूमेंस क्राइम
