आगरालीक्स…मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने देखा ताजमहल. जानिए मुनिश्री ने क्या कहा ताजमहल को लेकर…
प्रेम की निशानी और राग की प्रतिमूर्ति ताजमहल की ख्याति को ललकारने के लिए जैन धर्म के सरताज और वीतरागता के साक्षात प्रमाण निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज पहुंचे। गुरुवर के ताजमहल प्रांगण में हुए प्रवेश के बाद सभी दर्शनार्थियों की नज़र वीतरागी संत की ओर आकर रुक गई। मुनिवर ने ताजमहल के प्रांगण में पहुंच, बारीकी से ताजमहल को देखा, ये वही क्षण था जब राग और वीतराग एक दूसरे के आमने सामने थे, और हज़ारों लोग इस अभूत पूर्व क्षण के साक्षी बन रहे थे|

ताजमहल को देखने के बाद मुनिपुंगवश्री ने कहा कि ये मॉन्यूमेंट सॉइकोलॉजी अतीत है, एक बार जो अंदर जाएगा वो ये कहेगा कि ये पागलपन है। इस दौरान निर्यापक मुनिपुंगवश्री सुधासागर जी महाराज के साथ सकल दिगम्बर जैन समाज के गणमान्य लोग मौजूद थे। ताजमहल में गुरुवर के स्वागत के लिए समाज के लोगों ने रास्तों को रंगोलियों से सजाया| वहीं गुरुवर के आगमन पर अन्य देशी और विदेशी पर्यटक पंक्तिबद्ध होकर खड़े हो गए।ताजमहल को टक्कर देने वाले लोकोदय तीर्थ की प्रेरणा आगरा वासियों को देने के बाद मुनिपुंगवश्री ने खुद ताजमहल का अवलोकन किया और संग चल रहे आगरावासियों को एक बार फिर प्रेरित किया कि इस ऐतिहासिक ईमारत से भी भव्य लोकोदय तीर्थ को बनाना है| मुनिसंघ के साथ बड़ीं संख्या में ताजगंज सकल जैन समाज एवं समस्त लोग भी मौजूद रहे|