आगरालीक्स…आगरा में बैनाड़ा परिवार के बीच मुनिश्री ने कराया समझौता. एक दूसरे के गले मिले दोनों परिवार. दोनों परिवारों ने संकल्प लेकर एक साथ की मुनिश्री की आरती
लंबे समय से आगरा के प्रतिष्ठित बैनाड़ा परिवार का विवाद अब थम गया है! बुधवार को दोनों परिवारों ने आगरा के एमडी जैन स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में निर्यापक मुनिपुंगवश्री सुधा सागर जी महाराज के सामने मिलजुलकर रहने की खुले मंच से शपथ ली और एक दूसरे के गले मिलकर क्षमा भाव प्रेषित किए. वहीं पूरे परिवार का दिगम्बर जैन धर्म परिवार समिति ने सम्मान भी किया. दोनों परिवारों ने इसके बाद एक साथ मुनिश्री की आरती की.
जैन धर्म में क्षमा धर्म को सबसे पहले रखा गया है. क्षमा का भाव ही वैमनस्यता को मिटाता है. इसी क्षमा भाव को अंगीकार करते हुए आगरा के प्रतिष्ठित बैनाड़ा परिवार का विवाद बुधवार को थम गया. निर्यापक मुनिश्री सुधा सागर जी महाराज ने दोनों परिवारों को एकजुट होकर मतभेद भुलाने की प्रेरणा दी. बैनाड़ा परिवार के बारे में मुनिश्री ने कहा कि इस परिवार की तारीफ बहुत जगह है. आगरा का हर साधु संत आगरा के बैनाड़ा परिवार को जरूर जानता है. इस अवसर पर पूरे परिवार ने गुरु के समक्ष अपनी गलती को स्वीकार किया और फिर से एकजुट हो गए. मुनिश्री ने कहा कि दोनों परिवार राम भरत जैसे मिल रहे हैं.