आगरालीक्स….. आगरा में होटल, मैरिज होम, बैंक्वेट हॉल, रिजोटर्स, गेस्ट हाउस में बोरिंग करने पर एनओसी लेनी होगी। पानी बर्बाद करने और एनओसी न लेने पर कार्रवाई की जाएगी। तीन सदस्यीय कमेटी गठित.

यूपी के कई शहरों में भूगर्भ जल का स्तर लगातार बढ़ रहा है। होटल, रेस्टोरेंट से लेकर मैरिज होम में भूगर्भ जल बर्बाद किया जा रहा है। ऐसे ही एक मामले में एनजीटी के चेयरपर्सन जस्टिस आदर्श कुमार गोयल, जस्टिस सुधीर अग्रवाल, जस्टिस ब्रजेश सेठी ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सेंट्रल ग्राउंड वाटर कमीशन और जिला प्रशासन की टीम बनाकर भूगर्भ जल के अंधाधुंध दोहन पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। आगरा में जिला प्रशासन ने एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह, सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के वैज्ञानिक तेजस्व मंशीकर, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रभारी डॉ. विश्वनाथ शर्मा की कमेटी गठित की है।
होटलों में रेन वाटर हार्वेटिंग अनिवार्य
आगरा में पांच सितारा होटलों में ही रेन वाटर हार्वेटिंग है। अब होटल, मैरिज होम को भूगर्भ जल का इस्तेमाल करने के लिए भूगर्भ विभाग से एनओसी लेनी होगी। होटलों में बोरिंग करने पर टेलीमेट्री लगानी होगी, इससे आनलाइन भूगर्भ जल विभाग निगरानी रख सकेगा। इसके साथ ही 10 हजार किलो लीटर प्रतिदिन भूगर्भ जल का दोहन करने वाले होटलों और मैरिज होम को पीजी मीटर लगाना होगा, इससे भूगर्भ जल का स्तर पता चल जाएगा।