आगरालीक्स…अब साहित्य भवन प्रकाशन के प्रॉपर्टी विवाद में राजीव बंसल ने खोला छोटे भाई संजय बंसल के खिलाफ मोर्चा. कहा—पीड़ित हम. दिखाए और बताए ये सबूत
साहित्य भवन पब्लिकेशन की प्रॉपर्टी को लेकर पारिवारिक विवाद गहराया जाता रहा है. दो दिन पहले जहां छोटे भाई संजय बंसल ने बड़े भाई राजीव बंसल और भाभी के खिलाफ अभद्रता के आरोप लगाए तो वहीं आज राजीव बंसल और उनकी पत्नी ने छोटे भाई संजय बंसल के खिलाफ मोर्चा खोला है। राजीव बंसल का कहना है कि असली पीड़ित तो हम है, संजय तो बस खुद को पीड़ित बताकर प्रशासन को गुमराह करने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि दो माह से हमें (मेघा बंसल) परेशान किया जा रहा है। ऊपर जाने की सीढ़ी बार-बार काट दी जाती है। हमारा ऊपर जाने का रास्ता बंद कर देना चाहते हैं। ग्राउंड फ्लोर के फ्रंट पर पर साहित्य भवन पब्लिशर एंड डिस्ट्रीब्यूटर लि. का ऑफिस है। जिसमें मेरे पति राजीव बंसल व देवर संजय बंसल दोनों बराबर के साझेदार हैं। इसमें कार्य करने वाले कर्मचारियों को साझे के बैंक खाते से तनख्वाह जाती है। संजय बंसल इसको भी रातों रात हड़पना चाहते हैं। यह दिखाना चाहते हैं कि यहां कोई ऑफिस ही नहीं। रात में कई बार सीढ़ी हटाने का प्रयास किया। ऑफिस का बोर्ड हटा दिया गया। कई बार सीढ़ी के सामने बोरे रखकर अवरोध कर दिया जाता है। जिससे हम अपने कार्यालय में ऊपर न जा सकें। सीढ़ियों को काट भी दिया है, जिससे कभी भी हमारे साथ कोई दुर्घटना हो सकती है।
कई बार कहने पर भी जब संजय बंसल ने सीढ़ियों में पड़े बोरो को नहीं हटवाया तो मैंने और मेरे पति ने स्टॉफ से कहकर उन्हें हटवाया। इसके बाद फिर बोरे वहीं रखवा दिए, जिससे ऊपर जाने का रास्ता बंद हो गया। एक दिन में तीन बार बोरे रखकर रास्ते को अवरोध किया गया। हम इसका विरोध करने गए तो संजय बंसल हमें भद्दी भद्दी गालियां देने लगे। मुझे धक्का दिया और अश्लील हरकतें करते हुए अपने कार्यालय में भाग गए। पीछे पीछे मैं भी पहुंच गई। मैंने पीछे से रोकने के लिए संजय बंसल को रोकने का प्रयास किया। मेरी साथ अभद्रता हुई इसलिए मेरे पति राजीव बंसल ने अपने छोटे भाई को राकने के लिए गुस्से में कुर्सी उठाई थी। जिसे संजय बंसल ने जानलेवा हमला बना दिया। 307 का मामला दर्ज करने का प्रयास कर रहे हैं। मेरे साथ अभद्रता होने पर मैंने 1090 पर कॉल भी किया। वुमैन हेल्पलाइन से उसे 112 पर ट्रांसफर किया, जहां से मेरे पास मैसेज भी आया।
दूसरा आरोप हमारे ऊपर यह लगाया गया कि हम इस प्रापर्टी से संजय बंसल को भगाना चाहते हैं। जबकि पूरी प्रापर्टी के दो बराबर के मालिक हैं। ऐसे में कैसे कोई किसी का अधिकार हड़प सकता है। हम पारीवारिक प्रतिष्ठा के कारण कभी मीडिया के सामने नहीं आए। परन्तु अब हमारी छवि को समाज में धूमिल किया जा रहा है तो हमें भी अपना पक्ष रखने का मौका मिलना चाहिए। अब अपने चेहरे पर खुद चोट लगाकर हम पर 307 का मुकद्मा दर्ज करना चाहते हैं। संजय बंसल ने पारीवारिक मामले को आपराधिक षड़यंत्र की तरह प्रयोग किया। इससे पूर्व में भी कई पैत्रिक प्रोपर्टी को संजय बंसल हमारे ऊपर दबाव बनाकर 25 फीसदी दामों में बेच चुके हैं। अब एक यही प्रोपर्टी बची है। हमारी प्रार्थना है कि मामले को निष्पक्ष रूप से देखते हुए खबर का प्रकाशन कर हमारा पक्ष प्रकाशित किया जाए।
कहा—पीड़ित हम, संजय बंसल ने तीसरे भाई की प्रॉपर्टी पर भी किया है कब्जा
-17 अगस्त को प्रेस वार्ता के दौरान जब संजय बंसल के चेहरे पर कोई चोट का निशान नहीं था तो अब वह चेहरे पर चोट का आरोप कैसे लगा रहे हैं।
-पूर्व में भी संजय बंसल व उनकी पत्नी रूपा बंसल ने मेरे पति राजीव बंसल पर रेप का आरोप (2020 नवम्बर) लगाया था, जिसमें पुलिस ने जांच कर एफआर लगाई थी।
-पीड़ित हम हैं। हर रोज हमारे ऑफिस का रास्ता अवरोध कर दिया जाता है। सीढ़िया काट दी जाती हैं। और पीड़ित खुद संजय बंसल ही बन जाते हैं।
-हमारी सामाजित प्रतिष्ठा को खराब कर हम पर कम कीमत में प्रापर्टी बेचने का दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
-संजय बंसल ने सबसे छोटे भाई अमित बंसल (अमेरिका में निवास कर रहे हैं) के हिस्से में आई पैत्रिक सम्पत्ति 34 लाजपत कुंज पर भी कब्जा किया हुआ है। जिसके कारण अमित बंसल ने भी ऑफिस वाली बिल्डिंग पर मुकद्मा किया हुआ है। संजय बंसल ने इसी बिल्डिंग में अमित बंसल के ग्राउंड फ्लोर के हिस्से में कब्जा कर लिया है।