आगरालीक्स…आगरा में फ्रैंच भाषा सीखने का मौका. विवि द्वारा शुरू किया जा रहा है पाठ्यक्रम. जानें कौन सिखाएगा फ्रैंच भाषा और कौन-कौन इस कोर्स में ले सकता है भाग…
डॉ. बी.आर. आंबेडकर विश्वविद्याल, आगरा के कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी हिंदी तथा भाषाविज्ञान संस्थान के विदेशी भाषा विभाग द्वारा फ्रैंच भाषा का एक 15 दिवसीय मूल्य वर्द्धित पाठयक्रम का आयोजन दिनांक 27 जनवरी से प्रारम्भ किया जा रहा है। यह पाठ्यक्रम 10 फरवरी तक चलेगा।
विदेशी भाषा विभाग के प्रभारी डा. प्रदीप वर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. आशु रानी जी के आदेशानुसार विश्वविद्यालय में विभिन्न प्रकार के मूल्य वर्द्धित पाठयक्रम प्रारम्भ किए जाने हैं। इसी श्रंखला में विदेशी भाषा विभाग द्वारा यह पाठ्यक्रम प्रारम्भ किया जा रहा है। इससे पूर्व में रूसी भाषा का मूल्य वर्द्धित पाठयक्रम संचालित किया जा चुका है जिसमें रूसी मूल की महिला शिक्षक अक्साना लारिना द्वारा कक्षाएं दी गई थीं। यह पाठ्यक्रम रूसी दूतावास के सहयोग से संचालित किया गया था।
इस बार फ्रैंच का पाठ्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा हैं, जिसमें पेरिस, फ्रांस के मूल निवासी प्रो. मोलू मादू जो एक प्रोफेसर-कन्सल्टैंट (एच.आर. मैनेजमेंट / टी. क्यू. एम.) होने के साथ काफी समय से भारत के विभिन्न आई.आई.एम. एवं हैदराबाद स्थित आई.आई.एम.टी. संस्थानों एवं अन्य देशों विजिटिंग प्रोफेसर के तौर पर कार्य कर चुके हैं, उनके द्वारा आयोजन का उद्घाटन 27 जनवरी को दोपहर 1:00 बजे के.एम.आई. के सूर कक्ष में किया जाएगा। वह पाठ्यक्रम को संचालित भी करेंगे। उत्तर प्रदेश के किसी भी विश्वविद्यालय में उनके द्वारा दिए जाने वाला यह पहला व्याख्यान होगा। इस तरह के पाठ्यक्रम विदेशी भाषा में संचालित करने वाला डॉ. भीमराव आबेडकर विश्वविद्याल प्रदेश का पहला राज्य विश्वविद्यालय है।
यह पाठ्यक्रम ऑफलाइन मोड पर होगा, इसमें सभी विद्यार्थियों के लिए प्रवेश निश्शुल्क है और कोई भी व्यक्ति इसमें प्रतिभाग कर सकता है। के.एम.आई. निदेशक प्रो. प्रदीप श्रीधर ने बताया कि इसके अन्तर्गत फ्रेंच भाषा और संस्कृति की सैद्धांतिक जानकारी से विद्यार्थियों को अवगत कराया जाएगा। साथ ही फ्रैंच भाषा के पाठ्यक्रम के अंतर्गत अभिवादन करना, संवाद स्थापित करना, फ्रैंच व्याकरण का सामान्य ज्ञान आदि की जानकारी भी दी जाएगी।
यहां यह बताता अनिवार्य है कि विदेशी भाषा में रुचि रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए यह बहुत सुनहरा और लाभदायक अवसर है। क्योंकि भाषा का ज्ञान बेहतर भविष्य बनाने में बहुत मददगार साबित हो सकता है। इससे एक दूसरे देश की भाषा, कला, संस्कृति, सभ्यता, इतिहास तथा वहां के जनजीवन के बारे में जानने को मिलेगा। साथ ही विदेशी भाषा सीखने से करियर बनाने के बेहतर अवसर भी मिलते हैं। इसकी सहायता से शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के साथ अनुवादक, दुभाषिए बन सकते हैं, विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियों में अच्छे पदों पर काम करने के साथ उक्त विषय के शिक्षक बनकर उस देश में जाकर भी नौकरी प्राप्त कर सकते है। प्रशिक्षण के पश्चात सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।