आगरालीक्स…आगरा में भीषण ठंड. हड्डी जोड़ पीड़ित बरतें सावधानी. डॉक्टर बोले— अधिक ठंड में सिकुड़ जाती हैं रक्त वाहिकाएं, अपाहिज तक हो सकते हैं….ऐसे करें बचाव
ठंड चरम पर है। गिरते तापमान के बीच पहले से ही तमाम बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऐसे में जोड़ों के दर्द से पीड़ितों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जरा सी लापरवाही अपाहिज बना सकती है, क्योंकि इस मौसम में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं जो जोड़ों में बड़ी परेशानी का कारण बनती हैं।
इसलिए बढ़ जाता है जोड़ों में दर्द
उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल के वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डाॅक्टर सिद्धार्थ दुबे बताते हैं कि ठंड में शरीर गर्मी को बनाए रखने के लिए अंगों में ज़्यादा रक्त भेजता है। इससे पैरों, घुटनों, कंधों, और बाहों जैसे जोड़ों में ब्लड का प्रवाह कम हो जाता है। ऐसे में जोड़ों में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं और वे ठंडे और कठोर हो जाते हैं। इतना ही नहीं, जोड़ों में मौजूद तरल पदार्थ (सिनोवियल द्रव) गाढ़ा हो जाता है, जिससे जोड़ सख्त हो जाते हैं।
डाॅक्टर दुबे ने बताया कि ठंड में मांसपेशियां सख्त और कम लचीली होने की वजह से दर्द या चोट लगने की आशंका बढ़ जाती है। सर्दियों में लोग कम व्यायाम करते हैं। शारीरिक एक्टिविटी मांसपेशियों की ताकत और जोड़ों की गतिशीलता को बनाए रखने में मदद करती है, जब शारीरिक एक्टिविटी कम हो जाती है, तो हड्डी जोड़ और कठोर हो जाते हैं। व्यायाम की कमी से कुछ मामलों में वजन भी बढ़ जाता है, जिससे वजन सहने वाले जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। सर्दियों में कम पानी पीते हैं। शरीर में पानी की कमी भी दर्द की वजह बनती है, क्योंकि शरीर की उपास्थि उचित चिकनाई बनाए रखने के लिए पर्याप्त तरल पदार्थ के सेवन पर निर्भर करती है।
ऐसे करें बचाव
डाॅक्टर सिद्धार्थ दुबे ने बताया कि ठंड के समय जोड़ों में जकड़न बढ़ जाती है। इसके लिए परतों में कपड़े पहनें, अपने घर को गर्म रखें और दर्दनाक जोड़ों पर राहत के लिए हीटिंग पैड का उपयोग करें। बाहर जाते समय दस्ताने और इन्सुलेटेड जूते पहनना न भूलें।
नियमित शारीरिक गतिविधि करें जैसे पैदल चलना, तैरना, या साइकिल चलाना जैसे कम प्रभाव वाले व्यायाम लाभदायक हैं। इससे जोड़ों के चारों ओर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। भोजन में ओमेगा-3 से भरपूर मछली, नट्स और पत्तेदार हरी सब्जियां शामिल करें।