आगरालीक्स….आगरा के चर्चों में मनाया “खजूर इतवार (पाम संडे)”. ईसाई पंचांग के पवित्र सप्ताह का शुभारंभ
ईसाई पंचांग के सबसे पवित्र और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण सप्ताह, जिसे “पवित्र सप्ताह” के नाम से जाना जाता है, का शुभारंभ आज रविवार को अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ “खजूर इतवार (पाम संडे)” के रूप में मनाया गया। यह दिन प्रभु यीशु मसीह के यरूशलेम में विजयी प्रवेश की स्मृति में मनाया जाता है, जब लोगों ने खजूर की डालियों को लहराकर उनका स्वागत किया था और उन्हें अपना उद्धारकर्ता स्वीकार किया था। “खजूर इतवार” का यह पर्व ईसाई समाज के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह न केवल प्रभु यीशु के प्रेम, त्याग और विनम्रता का संदेश देता है, बल्कि यह हमें अपने जीवन में सत्य, करुणा, शांति और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी प्रदान करता है। इस दिन खजूर की डालियां विजय, शांति और धार्मिक आस्था का प्रतीक मानी जाती हैं, जो हमें यह सिखाती हैं कि जैसे खजूर का वृक्ष सीधा और ऊंचा होता है, वैसे ही हमें अपने जीवन को ईश्वर की ओर उन्मुख रखना चाहिए।इस पावन अवसर पर नगर के विभिन्न गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाओं, आराधना कार्यक्रमों और जुलूसों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सभी श्रद्धालुओं ने हाथों में खजूर की डालियां लेकर प्रभु यीशु के यरूशलेम प्रवेश की स्मृति में भजन-कीर्तन, स्तुति और प्रार्थनाएं कीं तथा अपने जीवन में प्रभु के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। निष्कलंक माता महागिरजाघर में आयोजित विशेष प्रार्थना सभा में महाधर्माध्यक्ष आर्चबिशप डॉ. राफी मंजलि जी ने “खजूर इतवार (पाम संडे)” के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन हमें विनम्रता, प्रेम और समर्पण का संदेश देता है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि जिस प्रकार प्रभु यीशु ने सादगी और प्रेम के साथ लोगों के बीच प्रवेश किया, उसी प्रकार हमें भी अपने जीवन में अहंकार को त्यागकर सेवा और प्रेम के मार्ग को अपनाना चाहिए। इस अवसर पर फादर राजन दास, फादर मिरांडा एवं फादर शाजी की गायक मंडली ने प्रभु के भजनों और गीतों के माध्यम से पूरे चर्च परिसर को भक्तिमय वातावरण से भर दिया। मधुर भजनों और प्रार्थनाओं ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान की और सभी ने मिलकर प्रभु की आराधना की। प्रतापपुर स्थित सेंट मैरी चर्च में भी विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया.
फादर जॉन ने पवित्र बाइबल से पाठ करते हुए “खजूर इतवार” के आध्यात्मिक महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि “जिस प्रकार खजूर का पेड़ सीधा आकाश की ओर बढ़ता है, उसी प्रकार हमें अपने जीवन को ईश्वर की ओर केंद्रित रखना चाहिए और प्रभु को अपने जीवन में पूर्ण रूप से स्वीकार करना चाहिए।” इस अवसर पर पल्ली पुरोहित फादर जोसेफ डाबरे, फादर संतोष डी’सा, फादर अजय एवं फादर विन्सेंट भी उपस्थित रहे और उन्होंने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया।क्रिश्चियन समाज सेवा सोसायटी के अध्यक्ष डेनिस सिल्वेरा ने बताया कि “खजूर इतवार” के साथ ही पवित्र सप्ताह का शुभारंभ हो गया है, जिसके अंतर्गत आने वाले दिनों में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, विशेष प्रार्थनाएं एवं सेवाएं आयोजित की जाएंगी, जिनका समापन ईस्टर के पावन पर्व पर प्रभु यीशु के पुनरुत्थान के उत्सव के साथ होगा।यह पवित्र सप्ताह सम्पूर्ण मानवता को प्रेम, क्षमा, त्याग और सेवा का संदेश देता है तथा समाज में शांति, सौहार्द और भाईचारे को बढ़ावा देने की प्रेरणा प्रदान करता है।