आगरालीक्स…15 मार्च तक भर दें एडवांस टैक्स की आखिरी किस्त. नहीं तो लग जाएगा जुर्माना. सीए प्रार्थना जालान से जानिए कौन और कैसे भर सकते हैं एडवांस टैक्स…
एडवांस टैक्स जमा करने की आखिरी किस्त
हर वैसे करदाता, जिनकी एक वित्त वर्ष में टैक्स देनदारी 10 हजार रुपये या उससे ज्यादा बनती है, उन्हें एडवांस टैक्स चुकाना होता है, फिर चाहे वह नौकरीपेशा हो, बिजनेस चलाता हो या फिर किसी पेशे से जुड़ा हो. सैलरी वाले लोगों को एडवांस टैक्स नहीं चुकाना होता है, क्योंकि नियोक्ता TDS काटकर सैलरी देता है. ऐसे करदाताओं को एडवांस टैक्स देने की जरूरत सिर्फ तब पड़ती है, जब उनकी सैलरी के अलावा कोई और इनकम हो, जैसे किराए, ब्याज या डिविडेंड से आय. आमतौर पर बिजनेसमैन या प्रोफेशनल्स एडवांस टैक्स चुकाते हैं. 60 साल से ऊपर के लोगों को एडवांस टैक्स भरने से छूट हासिल है. शर्त यह है कि उनकी किसी कारोबार या प्रोफेशन से आय नहीं होनी चाहिए.
ऐसे भरा जाता है एडवांस टैक्स
एडवांस टैक्स को चार भागों में बांटा गया है. पहली किस्त 15 जून तक, दूसरी 15 सितंबर तक, तीसरी किस्त 15 दिसंबर तक और आखिरी किस्त 15 मार्च तक जमा करनी होती है. टोटल टैक्स का 15 फीसदी आपको 15 जून तक एडवांस टैक्स के तौर पर जमा करना पड़ता है. इसके बाद 15 सितंबर तक 45 फीसदी, 15 दिसंबर तक 75 फीसदी और 15 मार्च तक 100 फीसदी टैक्स भरना होता है.
डेडलाइन के बाद लगता है जुर्माना
टाइम पर एडवांस टैक्स भरने में नाकाम रहने पर सेक्शन 234B और सेक्शन 234C के तहत ब्याज यानी इंटरेस्ट देना होगा. मान लीजिए आपने 15 सितंबर की डेडलाइन मिस कर दी तो आपको 3 महीने का ब्याज देना होगा, जिसकी दर एक फीसदी प्रति माह है. अगर करदाता ने ज्यादा एडवांस टैक्स भर दिया है, तो इनकम टैक्स रिटर्न भरकर रिफंड क्लेम कर सकता है.
एडवांस टैक्स भरने की प्रक्रिया
एडवांस टैक्स भरना काफी आसान है… इसके लिए आपको इनकम टैक्स विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट (https://www.incometax.gov.in/) पर जाना होगा और e-Pay Tax के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा. पैन नंबर और मोबाइल नंबर डालकर आपको एडवांस टैक्स का विकल्प सेलेक्ट करना होगा. नेट बैंकिंग या डेबिट कार्ड के जरिए पेमेंट कर सकते हैं. इसके अलावा, आप चालान नंबर 208 जेनरेट कर सकते हैं और इसे अधिकृत बैंक शाखा में जमा करके एडवांस टैक्स भर सकते हैं
