आगरालीक्स ….आगरा में हर रोज 125 टन प्लास्टिक कचरा निकल रहा है, आगरा में बन रहे वेस्ट टू एनर्जी प्लांट में कचरे से बिजली बनेगी और प्लास्टिक कचरे का इस्तेमाल प्लांट को चलाने के लिए ईंधन के रूप में किया जाएगा।
एक जुलाई से देश भर में 75 माइक्रोन की प्लास्टिक और पॉलीथिन पर रोक लगा दी है, इससे कम साइज की प्लास्टिक और पॉलीथिन पर रोक नहीं है। ऐसी पॉलिथिन और प्लास्टिक जिसको रीसाईकिल किया जा सके, उसका इस्तेमाल हो रहा है। मगर, इस प्लास्टिक और पॉलिथिन के निस्तारण के लिए आगरा में कोई प्लांट नहीं है, अभी कचरे में निकलने वाली प्लास्टिक और पॉलीथिन को दिल्ली स्थित प्लांट में भेजा जा रहा है।

वेस्ट टू एनर्जी प्लांट में होगा प्लास्टिक कचरे का इस्तेमाल
आगरा के कुबेरपुर में 11 एकड़ जमीन में 280 करोड़ से स्पाक ब्रेसान कंपनी द्वारा वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। प्लांट दो साल में तैयार होगा, इस प्लांट की खास बात यह है कि यहां 800 टन कूड़े से 15 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इस प्लांट को संचालित करने के लिए प्लास्टिक कचरे का इस्तेमाल ईंधन के रूप में किया जाएगा। इसके बाद प्लास्टिक और पॉलीथिन के कचरे के निस्तारण में समस्या नहीं आएगी।