आगरालीक्स…आगरा के श्री मनकामेश्वर मंदिर का रामलीला महोत्सव 11 अक्टूबर से. भव्य राम बारात निकलेगी, 50 से अधिक झांकियां होंगी शामिल..
श्री मनः कामेश्वर मठ मंदिर के रामलीला महोत्सव में इस बार शमशाबाद की धरती भी राममय होगी। गढ़ी ईश्वरा से निकलने वाली भव्य राम बारात का शमशाबाद स्थित शिव वाटिका में भव्य स्वागत किया जाएगा। यहां भगवान श्रीराम-जानकी विवाह के स्वरूप में श्री तुलसी-शालिग्राम जी का विवाह वैदिक विधि-विधान से संपन्न होगा। आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है, जो इस दिव्य विवाह में कन्यादान कर पुण्य के भागी बनेंगे। श्री मनः कामेश्वर मठ मंदिर द्वारा आयोजित रामलीला महोत्सव का शुभारंभ 11 अक्टूबर को शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन होगा और 21 अक्टूबर को भगवान राजा रामचंद्र जी के राज्याभिषेक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ समापन होगा। इसी क्रम में इस बार पहली बार गढ़ी ईश्वरा से करीब आठ किलोमीटर दूर शमशाबाद तक राम बारात ले जाने की योजना बनाई गई है। राम बारात में 50 से अधिक झांकियां शामिल होंगी। इनमें श्री मनः कामेश्वर नाथ जी का भव्य स्वरूप, स्थानीय बालिकाओं द्वारा नव देवियों की झांकी, महिला सशक्तिकरण और आत्मरक्षा का संदेश देने वाली प्रस्तुतियां तथा बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ का संदेश प्रमुख रहेगा। आधुनिक साज-सज्जा के साथ सनातन परंपराओं का समावेश झांकियों को विशेष आकर्षण देगा।
शिव वाटिका में दिखेगी जनकपुरी जैसी भव्यता
शमशाबाद की शिव वाटिका में राम बारात के स्वागत और तुलसी-शालिग्राम विवाह को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का प्रयास है कि पूरा परिसर जनकपुरी की तरह सजे और विवाह समारोह में वही उत्साह, उल्लास और श्रद्धा दिखाई दे, जिसकी कल्पना भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह से जुड़ी परंपराओं में की जाती है।
श्री मनः कामेश्वर मठ मंदिर प्रशासक हरिहर पुरी का कहना है कि यह क्षेत्र के लिए पहली बार ऐसा अवसर है। बाबा की कृपा से मिले इस अवसर को यादगार बनाने के लिए पूरी टीम प्रयास कर रही है। शिव वाटिका को बेहतर से बेहतर रूप देने और श्रद्धालुओं के स्वागत में कोई कमी न रहे, इसके लिए स्थानीय लोगों द्वारा पूरी लगन से तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भगवान की लीलाएं और सनातन परंपराएं किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सांस्कृतिक विरासत हैं। राम बारात में सभी वर्गों की सहभागिता इस आयोजन को और विशेष बनाएगी।
श्रीराम बारात के स्वागत में मुस्लिम समाज से जुड़े शाहरुख का विशेष सहयोग इसी साझा सांस्कृतिक विरासत और ‘मजहब अलग हो सकते हैं, लेकिन प्रेम और आस्था इंसान को जोड़ते हैं’ के भाव को मजबूत करेगा।
शहर की सीमा से बाहर निकलेगा रामलीला का उल्लास
शमशाबाद निवासी रोहित गौड़ ने कहा कि यह आयोजन इसलिए भी विशेष है क्योंकि राम बारात और जनकपुरी जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों का उल्लास अब आगरा शहर की सीमा से बाहर गांव और कस्बों तक पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा, “श्री मनः कामेश्वर मठ मंदिर की यह पहल शमशाबाद क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। पहली बार इतनी भव्य राम बारात यहां पहुंचेगी। इससे क्षेत्र के लोगों को अपनी संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा। शिव वाटिका में तुलसी-शालिग्राम विवाह और हजारों श्रद्धालुओं द्वारा कन्यादान का दृश्य निश्चित रूप से भावुक और अविस्मरणीय होगा।
विश्वामित्र बनकर घोड़े पर चलेंगे महंत योगेश पुरी
राम बारात में श्री महंत योगेश पुरी विश्वामित्र के स्वरूप में घोड़े पर सवार होकर भगवान के स्वरूपों के साथ चलेंगे। पूरे मार्ग को दुल्हन की तरह सजाया जाएगा। घर-घर रंगोली और रोशनी होगी तथा सैकड़ों स्थानों पर भगवान के स्वरूपों का स्वागत, आरती और सम्मान किया जाएगा। श्री महंत योगेश पुरी ने कहा कि गांव की भूमि केवल खेती और जीवन-यापन की भूमि नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं की जीवंत धरती है। इसी भावना के साथ भगवान श्रीराम की लीलाओं को गांव की पावन धरा पर मंचित किया जा रहा है, ताकि नई पीढ़ी भगवान श्रीराम के जीवन, मर्यादा, त्याग और संस्कारों को करीब से समझ सके।