आगरालीकस…आगरा में रानी लक्ष्मीबाई की शौर्य गाथा हुई जीवंत तो छलके आंसू, उमड़ा देशभक्ति का ज्वार. देखें फोटोज
गोरों की सत्ता के आगे जब वीरों के झुके भाल। झांसी पर संकट छाया तो जल उठी शौर्य की महाज्वाल.. इन जोशीली काव्य पंक्तियों के साथ आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशन में सीएआरडीसी द्वारा संस्कार भारती के सहयोग से शनिवार को ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस-2 स्थित ब्रज पब्लिक इंटर कॉलेज में गुमनाम बलिदानियों को समर्पित क्रांति तीर्थ श्रृंखला की कड़ी में लघु नाटिका “वीरांगना लक्ष्मी बाई की शौर्य गाथा” का मंचन स्कूल के छात्र- छात्राओं द्वारा किया गया। अपने हृदय के टुकड़े बच्चे को पेट से बांधकर अंग्रेजों से लोहा लेती वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के किरदार को जब कशिश दुबे ने जीवन्त किया तो सभागार में देशभक्ति का ज्वार उमड़ पड़ा। महारानी लक्ष्मीबाई अमर रहें के नारे गूंजने लगे। आयोजन के मंडल समन्वयक राज बहादुर सिंह राज सहित सभी की आंखें रानी का शौर्य देख कर छलक उठीं।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि एस के मिश्रा ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई की शौर्य गाथा हम सबके भीतर देशभक्त की प्रेरणा जगाती है। भारतीय इतिहास में ऐसी नारी शक्ति के अनेक उदाहरण भरे पड़े हैं। अध्यक्षीय उद्बोधन में राम अवतार यादव ने कहा कि क्रांति तीर्थ श्रंखला उन बलिदानियों को श्रद्धांजलि देने का अभियान है जो सर्वस्व न्योछावर करने के बाद भी इतिहास के पृष्ठों में गुमनाम रह गए। उन्होंने कहा कि हर बेटी के अंदर एक लक्ष्मीबाई है। वह अपनी ताकत पहचाने। अपनी सुरक्षा स्वयं करे और अन्याय के खिलाफ लड़े।
राज बहादुर सिंह राज ने कहा कि यह आजादी उन क्रांतिवीरों के बलिदानों व अथक संघर्ष का परिणाम है जो हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूल गए। हमारे आसपास भी आजादी के परवाने हुए हैं। क्रांति तीर्थ कार्यक्रम उन्हीं को प्रकाश में लाने का अभियान है। इससे पूर्व क्रांति तीर्थ श्रृंखला के मंडल समन्वयक राज बहादुर सिंह राज, मुख्य अतिथि एसके मिश्रा और समारोह के अध्यक्ष राम अवतार यादव ने मां भारती के चित्र पर संयुक्त रूप से माल्यार्पण और समक्ष दीप जलाकर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया। विद्यालय के प्राचार्य करन प्रीत सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। राज बहादुर सिंह राज, श्यामवीर सिंह और मीरा गौतम ने संचालन किया।