आगरालीक्स…चैन की नींद सोना है तो सुदामा बनिए. आज जो लोग अपार धन दौलत होते हुए भी सोने के लिए नींद की गोली का सहारा लेते हैं, वो सुदामा के इन गुणों से ले सकते हैं शिक्षा..बंबई वाली बगीची में कथा के समापन पर लिया गया ताजनगरी में विशाल भागवत भवन की स्थापना का संकल्प
सुदामा के पास ब्रह्म रूपी धन था। वे जितेंद्रिय थे। स्वाभिमानी थे। शांत चित्त व्यक्ति थे। आज जो लोग अपार धन- दौलत होते हुए भी सोने के लिए नींद की गोली का सहारा लेते हैं, अगर वे सुदामा के जीवन चरित्र से शिक्षा लेकर सुदामा जैसे बन जाएँ तो उनकी सारी बेचैनी दूर हो सकती है.. यह उद्गार भागवताचार्य दिनेश दीक्षित ने बंबई वाली बगीची में कथा के समापन पर बुधवार शाम सुदामा चरित्र की कथा का वर्णन करते हुए व्यक्त किए। इस दौरान अरे द्वारपालो कन्हैया से कह दो और मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने जैसे भजनों पर भक्त झूमते रहे।

कथा समापन पर भक्तों ने व्यास पूजन कर कथा का रसपान कराने के लिए व्यास जी का आभार व्यक्त किया। राजा परीक्षित शिशिर मित्तल, विनीता मित्तल, श्रीमती बबीता, शालिनी टंडन, सीके अग्रवाल, प्रतिभा जिंदल, श्वेता अग्रवाल, प्रेरणा सिंह, कुसुम सैनी, कशिश नैनानी, तनु गुप्ता, राधा रानी गुप्ता, आदर्श ठकुराल और आचार्य आनंद मधुकर ने आरती उतारी।
करेंगे भागवत भवन की स्थापना
कथा के समापन पर भागवताचार्य दिनेश दीक्षित ने संकल्प लेकर घोषणा की कि वे अपने भागवत सेवा ट्रस्ट के माध्यम से ताज नगरी में किसी रमणीक स्थल पर विशाल भागवत भवन की स्थापना करेंगे ताकि जन जन तक धर्म-अध्यात्म और भारतीय संस्कृति के प्रसार के साथ प्रभु के कल्याणकारी चरित्र का गुणगान सदैव चलता रहे।