आगरालीक्स…आगरा में नकली दवाओं के वायरस ने पूरे दवा विक्रेताओं को किया बदनाम. आगरा से दवाई न खरीद कर बाहरी शहरों से दवाएं मंगा रहे लोग. रिटेल कैमस्ट एसोसिएशन ने बताई पीड़ा
आगरा रिटेल कैमिस्ट एसोसिएशन की एक बैठक गुरुवार को देहली गेट स्थित कार्यालय पर आयोजित हुई। जिसमें आगरा मंडल के समस्त प्रमुख रिटेल कैमिस्ट ने भाग लिया। सभी ने एक स्वर में कहा कि पिछले दिनों जो नकली दवा का वायरस आया, प्रदेश ही नहीं पूरे देश भर में आगरा के समस्त दवा विक्रेता को बदनामी का घूंट पीना पड़ा। जबकि वास्तविकता यह है कि पूरे प्रकरण में आगरा के किसी भी रिटेलर की दूर दूर तक भूमिका नहीं थी। लेकिन इस कार्रवाई ने शहर के दवा व्यवसाय को हाशिये पर ला दिया। मरीज और उनके तीमारदार निकटवर्ती शहरों से डर व भयभीत होने के कारण अपने मित्रों या रिश्तेदारों के माध्यम से आगरा से दवाई न खरीद कर बाहरी शहरों से दवाएं मंगा रहे। आर्थिक नुकसान स्थानीय रिटेलरों को हो हुआ है। इस मसले पर एसोसिएशन ने औषधि नियंत्रण विभाग से मुलाकात की। विधिवत ज्ञापन सौंपा। रिटेलर की पीड़ा से अवगत कराया। भविष्य में बाधा रहित दिशा निर्देश के लिए भी अनुरोध किया।
औषधि नियंत्रक विभाग की से अपेक्षा की गई कि दवा सदैव बिल से ले ओर बेच नंबर मिला के ले। इसका पालन खुदरा व्यापारियों ने किया है। आगे भी करते रहेंगे। अध्यक्ष डॉ. आशीष ब्रह्मभट्ट ने कहा कि नियमों में जटिलता के कारण दवा रिटेलर को अनेकों मुश्किलें दी जा रहीं। टीबी की दवाओं साथ ही स्टॉक रजिस्टर का रखरखाव, शिड्यूल एच 1 का रजिस्टर मेंटेन करना, नारकोटिक्स दवाओं का संपूर्ण रख रखाव और हमेशा रजिस्टर 35 को संभाल कर रखा। इसमें किसी भी तरह की चूक पर कड़ी सजा है। विभिन्न कारणों से रिटेलर के मुनाफे भी मुश्किल में हैं। क्योंकि अधिकतर चिकित्सकों ने अपने यहां ही दवाओं की दुकान खुलवा दी हैं। बैठक में संस्थापक श्याम तिवारी, महामंत्री राजीव शर्मा, कोषाध्यक्ष सतीश पाठक, प्रेम सिंह राजावत, वीर बहादुर सिंह, कपिल बंसल आदि रहे।