आगरालीक्स…Agra News: .आगरा में फर्म के लिए स्टेट बैंक से 325 करोड़ रुपये लोन लिया, फर्म बंद, बैंक अधिकारियों ने दर्ज कराया मुकदमा।
आगरा के हरीपर्वत थाने में कोर्ट के आदेश पर भारतीय स्टेट बैंक स्टेट बैंक के एजीएम पुनीत शर्मा के निर्देश पर डिप्टी मैनेजर अरविंद कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया है। इस मामले की शिकायत आर्थिक अपराध शाखा और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो में भी की गई है।
आन्हा एक्सपोर्ट के नाम पर लिया गया था लोन
मुकदमे में कहा गया है कि पार्टनरशिप फर्म मैसर्स आन्हा एक्सपोर्ट को 27 फरवरी 2017 को लोन दिया गया था। इसमें अनुराधा सहगल इंडस्ट्रियल एरिया सिकंदरा, सिद्धांत गुप्ता निवासी नोएडा और हर्षित ओबराय कावेरी कौस्तुभ आगरा ने एसबीआई गोल्ड कार्ड योजना के तहत 325 करोड़ रुपये और अन्य लोग स्वीकृति कराए थे। लोन के के लिए कई संपत्तियां बंधक रखीं। मगर, साझेदारों के बीच विवाद के चलते फर्म का खतारा अनियमित हो गया और मार्च 2021 में साझेदारी विलेख के अनुसार, नई साझेदारी स्मृति पांडे फर्म में शामिल हो गईं जबकि अनुराधा सहगल और सिद्धांत गुप्ता सेवानिवृत्त हो गए।
लोन से स्वीकृति फर्म कर दी बंद
बैंक अधिकारियों ने आरोप लगाए हैं कि नए साझेदार को फर्म में जोड़ने की जानकारी बैंक में नहीं दी गई। नहीं कोई अनुमति दी गई। बैंक से न तो किसी साझेदार की व्यक्तिगत गारंटी मुक्त कराई और न ही किसी नए व्यक्तिगत गारंटर को जोड़ा गया। आरोप है कि उसी परिसर में ओबराय ओवरसीज के नाम से नई इकाई संचालित की जा रही है। तीन ईपीसी खातों से भी धन का विचलन किया गया। आरोप है कि लोन का भुगतान भी बंद कर दिया, इसके बाद 28 मई 2021 को खाना एनपीए घोष्तिा हो गया। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास का मीडिया से कहना है कि कोर्अ के आदेश पर मुकदमा दइर्ज किया गया है, 325 करोड़ रुपये में से कितनी राशि बकाया है उसका उल्लेख मुकदमे में नहीं है, पुलिस जांच में सभी तथ्य सामने आएंगे।