आगरालीक्स …Agra News: आगरा के दो बड़े कारोबारियों के ग्रुप पर एसजीएसटी की बड़ी कार्रवाई, सर्वे के बाद 1.35 करोड़ रुपये जमा कराए, एक के खिलाफ दी तहरीर।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एसजीएसटी की विशेष अनुसंधान शाखा की दोनों इकाईयों ने डीआर चेन्स एंड वायर प्रोडक्ट वाटर वक्र्स और माधव मुरारी ज्वैलर्स, शांति नगर बोदला द्वारा इमिटेशन ज्वैलरी की बिक्री की आड़ में इंवर्टेड टैक्स स्ट्रक्चर में लिए जा रहे रिफंड की स्क्रूटनी की। इसमें सामने आया कि फर्मों ने जीआई या एमएस वायर की 18 प्रतिशत कर की दर पर खरीद की, इसमें इमिटेशन ज्वैलरी का निर्माण कर तीन प्रतिशत की दर से बिक्री दिखाई गई। फर्मों ने 15 प्रतिशत रिफंड ले लिया।
रेकी के बाद किया सर्वे
एसजीएसटी की टीम ने करीब 20 दिन तक दोनों फर्मों की रेकी की, फर्मों द्वारा जारी किए गए ई वे बिलों के वाहनों के मूवमेंट पर नजर खी गई। अपर आयुक्त ग्रेड वन पंकज गांधी के निर्देशन में संयुक्त आयुक्त बीडी शुक्ला व चंद्रकांत रलहन के नेत्रत्व में पांच जनवरी को डीआर चेन्स एंड वायर प्रोडक्टस और माधव मुरारी ज्वैलर्स और प्रिंस इंडस्ट्रीज खंदौल पर एक साथ जांच शुरू की। टीम ने डीआर चेन्स एंड वायर प्रोडक्टर्स के कारोबारी रिषभ गुप्ता से खरीद व बिक्री से संबंधित वाहनों के आवागमन की जानकारी ली गई, गेट रजिस्टर की जांच की गइ्र। जांच में सामने आया कि कुछ वाहनों की बिक्री प्रिंस इंडस्र्टीज खंदौली को किए जाने की जानकारी मिली। इस पर फार्म डीआरसी थ्री के माध्यम से एक करोड़ रुपये कारोबारी से जमा कराए गए और प्रिंस इंडस्ट्रीज पर की गइर्ग् जांच में 20 टन अघोषित माल पाया गया।
35 लाख रुपये जमा कराए
वहीं, माधव मुरारी ज्वैलर्स जांच के समय टीम को बंद मिला, फर्म स्वामी भगवंता विशोय ने जिले से बाहर होने की बात कहते हुए सात जनवरी को जांच कराने के लिए कहा। फर्म ने चारों दरवाजों को सील कर दिया, टीम को छह जनवरी को सील तोड़े जाने की सूचना मिली। इस मामले में थाना जगदीशपुरा में तहरीर दी गई है। वहीं, सात जनवरी को जांच के बाद फार्म डीआरसी थ्री के माध्यम से 35 लाख रुपये जमा कराए गए।