आगरालीक्स…..आगरा में संस्था की महिला सदस्य के साथ दुष्कर्म के आरोप में जेल भेजे गए समाजसेवी को नहीं मिली जमानत। वाटस एप पर अश्लील मैसेज भेजने के साथ ही ब्लैकमेल करने के लगाए थे आरोप।

आगरा में समाजसेवा का काम करने वाली संकल्प संस्था के नामनेर निवासी ब्रजेश पंडित पर सदर क्षेत्र की रहने वाली महिला ने गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस अधिकारियों से की शिकायत में कहा था कि ब्रजेश पंडित ने संस्था का सदस्य बनाते हुए समाजसेवा का कार्य करने के लिए कहा। महिला ने आरोप लगाए थे कि ब्रजेश पंडित ने आपत्तिजनक मैसेज भेजे और अकेले में बुलाने का दबाव बनाया, ब्लैकमेल किया। संस्था से अलग होने पर सोशल मीडिया पर बदनाम किया। पांच लाख रुपये की चौथ मांगी।
दुष्कर्म करने का भी आरोप
इस मामले में महिला ने अपने बयान में ब्रजेश पंडित पर दुष्कर्म का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने ब्रजेश पंडित को 15 अगस्त को अरेस्ट कर जेल भेज दिया। इसके बाद से वह जेल में है।
जमानत प्रार्थना पत्र खारिज
इस मामले में ब्रजेश पंडित की तरफ से अधिवक्ता ने जमानत के लिए प्रार्थना पत्र लगाया, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि ब्रजेश पंडित ने वर्ष 2017 में महिला को एक लाख रुपये उधार दिए थे, बाद में दो लाख रुपये देवी जागरण के लिए दिए। रुपये वापस मांगने पर महिला ने गलत आरोप लगाए हैं। वादी की तरफ से एडीजीसी राधाक्रष्ण गुप्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता सुब्रत मेहरा ने तर्क दिया, कहा कि आरोपी के पास रुपये देने का कोई प्रमाण मौजूद रहीं है। अपर जिला जज प्रथम सुधीर कुमार सिंह ने जमानत प्रार्थना पत्र खरिज कर दिया।