आगरालीक्स…आगरा में विवि कुलपति ने कहा. प्रवेश, परीक्षा और रिजल्ट को पटरी पर लाने को उठा रहे सख्त कदम. कुछ कॉलेजों पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगाया…
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की प्रवेश, परीक्षा और परिणाम की व्यवस्था को सुधारने के लिए सख्त कदम उठाने ही होंगे। इसके लिए कुछ कॉलेजों पर सख्ती के साथ 50 हजार रुपये तक का जुर्माना भी इसी उद्देश्य से लगाया गया है। इस व्यवस्था के प्रभावित होने से सर्वाधिक अहित विद्यार्थियों का हो रहा है और वह सबसे अधिक प्रभावित हैं। इसलिए विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न संगठन विश्वविद्यालय का असहयोग करने के स्थान पर व्यवस्था को पटरी पर लाने का प्रयास करें। यह अपील विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशुरानी ने की है।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन प्रवेश, परीक्षा, परिणाम की व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल के दिशा-निर्देशन में विश्वविद्यालय वर्षों से बेपटरी इस व्यवस्था को सुधारने को लेकर बेहद गंभीर है। पिछले कुछ वर्षों की स्थिति का आंकलन करने पर ज्ञात हुआ कि यह देरी कुछ कॉलेजों द्वारा प्रयोगात्मक परीक्षा कराने और उसके अंक भेजने में लगातार देरी करने के कारण हो रही है। इस वर्ष भी इस व्यवस्था को प्रभावित करने वाले कॉलेजों पर ही 50 हजार रुपये तक का जुर्माना किया गया है। लेकिन विश्वविद्यालय ने यह कदम एकदम से नहीं उठाया गया। बल्कि सभी कॉलेजों को चार से पांच बार रिमाइंडर देने के साथ कई बार अनौपचारिक रूप से सूचित भी किया गया। उनकी समस्याओं को दूर करने का भी प्रयास किया। लेकिन सुधार न होने पर ही व्यवस्था को व्यवस्थास्थित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
फिर भी कुछ संगठन विश्वविद्यालय प्रशासन का परीक्षा में असहयोग करने का दावा कर रहे हैं। उन्हें यह समझना चाहिए कि विश्वविद्यालय के पास सिर्फ महाविद्यालय की परीक्षा की ही नहीं, विश्वविद्यालय के आवासीय संस्थानों की परीक्षा भी कराता है। इसलिए बड़ा काम बिना सभी के सहयोग के संभव नहीं। फिर भी वह प्रक्रिया का असहोयग करते हैं, तो ऐसा करके वह भले अपना भला कर लें, लेकिन अपने ही विद्यार्थियों का कहीं न कहीं अहित ही करेंगे। विश्वविद्यालय छात्र हित में लगातार प्रयत्नशील है और उनके हित के लिए सदैव सख्त व आवश्यक कदम उठाता रहेगा।