Tuesday , 28 July 2026
Home आगरा Agra News: Suggestions given to improve police commissionerate system…#agranews
आगरा

Agra News: Suggestions given to improve police commissionerate system…#agranews

314

आगरालीक्स…आगरा सहित 7 जिलों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली, क्या इससे आम जनता का कोई लाभ है, अन्य जिलों में भी यह प्रणाली लागू करें या नहीं… आगरा के 27 प्रबुद्धजनों ने आईपीएस आदित्य को दिए ये सुझाव

आगरा सहित उत्तर प्रदेश के 7 जिलों में लागू पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू है। क्या पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली से आम जनता को कोई लाभ हो रहा है, पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के बाद पुलिसिंग में सुधार हुआ है या नहीं? अन्य जिलों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू करें या नहीं? इन सवालों पर आगरा के 27 प्रबुद्धजनों के साथ Additional Deputy Commissioner of Police (ADDL.DCP) आदित्य आईपीएस ने करीब पौने दो घंटा मंथन किया।

पुलिस लाइंस में भरवाई प्रश्नावली
आईआईएम इंदौर के शोभित तिवारी यह सर्वे कर रहे हैं कि उत्तर प्रदेश के सात जिलों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद कोई लाभ हुआ है या नहीं। पुलिस लाइन स्थित प्रशांत मैमोरियल में उन्होंने पहले प्रश्नावली भरवाई। इसमें 20 प्रश्न हैं। मिल्टन पब्लिक स्कूल के राहुल राज पुलिस की व्यावसायिकता वाले सवाल पर अटक गए। उन्होंने पूछा इस सवाल का क्या मतलब है? इस पर शोभित ने कहा कि इसका मतलब प्रोफेशनलिज्म से है। प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. डीवी शर्मा ने कहा कि इसे व्यावसायिकता को पुलिस का व्यवसाय न समझा जाए। यह सुनकर सब मुस्करा उठे।

सुधार की ओर पुलिस प्रशासनः आईपीएस आदित्य ने गिनाए प्रमुख सुधार
आईपीएस आदित्य ने कहा, परसेप्शन और डाटा से सर्वे होता है। इसलिए यहां उपस्थित जनों का विचार महत्वपूर्ण है। हम तो आते-जाते रहेंगे और आपको यहीं पर रहना है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली में किस तरह से सुधार हुआ है।

CCMS (कमिश्नर्स कोर्ट मॉनीटरिंग सिस्टम) लागू हुआ है, जिसमें वादी-प्रतिवादी अगली तारीख के बारे में ऑनलाइन जान सकते हैं। इसके लिए किसी को कोई फीस देने की जरूरत नहीं है।
पहले सामान्य झगड़ों में धारा 151 या 107/116 में चालान या पाबंद किया जाता था, कोर्ट से जमानत मिल जाती थी। फिर ये झड़े बार-बार होते रहते थे और बड़ा रूप ले लेते थे। इसे रोकने के लिए जेल भेजा जा रहा है ताकि झगड़ा आगे न हो।
पब्लिक न्यूसेंस जैसे अतिक्रमण, कूड़ा फेंकना, कूड़ा जलाना, तेज आवास में संगीत, खुले में मांस फेंकना, कारखानों का प्रदूषण, गिरासू भवन आदि के मामले में धारा 133 को प्रभावी किया गया है।
कोर्ट केस के मामलों में अवकाश प्राप्त जिला जज से सलाह लेते हैं ताकि कानून का शत प्रतिशत पालन हो।
महिला, दुष्कर्म, हत्या जैसे जघन्य अपराधों में सजा का प्रतिशत कई गुना बढ़ा है। एत्मादपुर में बच्ची से दुष्कर्म करने वाले को एक साल में ही सजा दिलाई गई।
पिछले वर्ष जनसंवाद किया गया, जिसका सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
पहले सिर्फ तीन आईपीएस अधिकारी थे, अब कई हैं। इससे अपराध नियंत्रण के साथ अन्य कार्य भी तेजी से निपटाए जा रहे हैं।
फीड बैक सिस्टम बनाया गया है। पासपोर्ट की रिपोर्ट के संबंध में 60 हजार लोगों का फीड बैक है कि पुलिस को कोई पैसा नहीं दिया गया।
स्कूलों के आसपास एंटी रोमियो टीम तैनात रहती है।
थानी हरीपर्वत और कमलानगर सीसीटीवी से आच्छादित हो गए हैं। थाना सिकंदरा में काम चल रहा है। इससे अपराधियों को पकड़ने में सुविधा रहेगी।
पुलिस के व्यवहार को लेकर चिंता जताई जाती है, हमने इसके लिए चुनिंदा पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया है। इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
परिवार परामर्श केंद्र में साउंडप्रूफ केबिन बनाए गए हैं ताकि दंपति की बातें गोपनीय रहें। इस दौरान उनके बच्चों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। पहले एक ही हॉल में बैठते थे, जिससे दंपति अपनी बात खुलकर नहीं बता पाते थे। इसका लाभ यह है कि अधिकांश दपति साथ जाने लगे हैं।
पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस की जवाबदेही बढ़ गई है।

जानिए किसने क्या कहा और क्या दिए सुझाव
डॉ. डीवी शर्माः एमजी रोड पर फुटपाथ को मेट्रो कार्य के साथ ही शीघ्र चौड़ा किया जाए, बाद में करेंगे तो फिर से समस्या होगी।
राजेंद्र सचदेवा, सचदेवा मिलेनियम स्कूलः हम पुलिस कमिश्नर से सीधी वार्ता कर पा रहे हैं, यह बड़ी बात है। पब्लिक मीटिंग होनी चाहिए ताकि एक साथ बहुत से लोगों को संदेश जाए।
डॉ. विजय श्रीवास्तव, प्राचार्य, आरबीएस कॉलेजः सिस्टम में सुधार है लेकिन कॉलेज के बाद अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है। इसके बारे में दो साल से लिखकर दे रहे हैं।
राहुल कुलश्रेष्ठः स्कूलों की छुट्टी के समय कॉलेजों के बाहर पुलिस तैनात रहे ताकि कोई घटना न हो। गुजरात में चाकूबाजी के बाद संशय बना रहता है। चरित्र प्रमाणपत्र के लिए थाना में बुलाने का क्या औचित्य है।
गौरीशंकर उपाध्यायः मेरी भतीजी बीडी जैन कॉलेज में पढ़ती है। पहले मैं छोड़न और लेने जाता था। अब भतीजी अकेले आती-जाती है। पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद यह संभव हुआ है।
डॉ. भानु प्रताप सिंह पत्रकार एवं लेखकः पुलिस ही वादी है और पुलिस अधिकारी ही मजिस्ट्रे हैं, ऐसे में न्याय की उम्मीद कैसे करें? आईपीएस आदित्य ने कहा कि दूसरे सर्किल का अधिकारी मजिस्ट्रेट के रूप में होता है। वकीलों के तर्क सुनने और गुण-दोष के आधार पर फैसला होता है। यही कारण है कि कई मामलों में हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिलती है।

कार्यक्रम का संचालन DGC रेवेन्यू अशोक चौबे ने किया. इस अवसर पर आदित्य Ips, डॉ डी वी शर्मा, डॉ रवि पचौरी, अशोक चौबे DGC, डॉ सीमा सिंह, विजय श्रीवास्तव (प्राचार्य RBS डिग्री कॉलेज), आर के सचदेवा, डॉ आनंद राय, डॉ नरेंद्र शुक्ला, दीपक चौबे, गौरी शंकर उपाध्याय, राहुल राज, अजय शर्मा, विकास कुमार, भानु प्रताप सिंह, सर्वेश शर्मा, प्रत्युश तिवारी आदि उपस्थित रहे.

सांस्कृतिक सौगात एवं औपचारिक समापनः ‘जाणता राजा’ का चित्र भेंट
संचालन जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक चौबे ने किया। उन्होंने बाद में आईपीएस आदित्य को छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन चरित्र पर आधारित नाटक ‘जाणता राजा’ का चित्र भेंट किया। कार्यक्रम में डॉ. रवि पचौरी, डॉ. सीमा सिंह, डॉ. आनंद राय, डॉ. नरेंद्र शुक्ल, राकेश शर्मा, ओमवीर संभल, दीपक चतुर्वेदी, राजेश शर्मा, शैलेंद्र पाठक एडवोकेट, अजय शर्मा, हरजिंदर सिंह, डीएन दुबे, सर्वेश शर्मा, विकास कुमार आदि उपस्थित थे।

Written by
Agraleaks Team

AgraLeaks is a prominent digital news platform dedicated to delivering timely and reliable news from Agra and the surrounding regions. Established over a decade ago, AgraLeaks has become a trusted source of local journalism, covering a wide range of topics including city news, politics, education, business, sports, health, and cultural events. Its mission is to keep citizens informed and connected with developments that directly impact their community. With a strong focus on hyperlocal reporting, AgraLeaks provides real-time updates on important incidents, civic issues, public events, and government initiatives. Over the years, it has built a reputation for fast reporting and comprehensive coverage, making it one of the most recognized local news portals in Agra. The platform also features regional, national, and international news to offer readers a broader perspective beyond the city. Driven by the principle “Apki Khabar Hamari Nazar” (Your News, Our Watch), AgraLeaks continues to serve as a vital voice of the city, empowering readers with accurate information and strengthening the local media ecosystem through digital journalism.

Related Articles

आगरा

Agra’s Oldest Sarkar Hospital, Delhi gate empaneled with  Ayushman Bharat PMJAY

आगरालीक्स…Agra News: आगरा का सबसे पुराने सरकार हॉस्पिटल, दिल्ली गेट आयुष्मान योजना...

आगरा

Agra News: Jaya Kishori Ji narrated the enchanting childhood pastimes of Shri Krishna…#agranews

आगरालीक्स…आगरा के राजदेवम में चल रही कथा में जया किशोरी जी ने...

आगरा

Agra News: 80 dialyzers and other medical equipment provided to Help Agra…#agranews

आगरालीक्स…आगरा में डायलिसिस सेवा के जरूरतमंद मरीजों के लिए हेल्प आगरा को...

आगरा

Agra Health News: Awareness raised about head and neck cancer at Agra’s Park KPIMS…#agranews

आगरालीक्स…आगरा के पार्क केपीआईएमएस में सिर और गर्दन के कैंसर को लेकर...

error: Content is protected !!