आगरालीक्स…चाय की चुस्की का मतलब-कांच का गिलास. आगरा में क्या अब कहीं कांच के गिलास में मिलती है चाय. कुल्हड़, पेपर और कांच…किसकी चुस्की सबसे अच्छी
आप चाय की दुकान पर जाना तो पसंद करते ही होंगे क्योंकि चाय पीना हर किसी को तरोताजा कर देता है. कुछ लोगों को तो चाय पीने की इतनी लत होती है कि वो हर घंटे में एक कप चाय पी जाते हैं. आगरा में इस समय अगर आप बाहर मार्केट में चाय पीने जाते हैं तो आपको पेपर कप में या फिर कुल्हड़ में ही चाय मिलेगी. लेकिन आज से कुछ सालों पहले आगरा में बाहर चाय की चुस्की का मतलब होता है कांच का गिलास.
मोटे कांच के गिलास में चाय पीने का मजा ही कुछ और होता है. खासकर सर्दी में कांच के गिलास को पूरे हाथ में पकड़कर चाय की चुस्की ली जाती थी, लेकिन पिछले कुछ सालों से आगरा में कांच के गिलास में चाय मिलना लगभग बंद सा हो गया है. एक या दो जगह ही ऐसी होंगी जहां कांच के गिलास में अभी भी चाय मिल रही हो, वरना अब चाय आपको पेपर कप या फिर कुल्हड़ में ही मिलेगी. पेपर कप में चाय पीने का चलन तेजी से बढ़ा है, खासकर कोरोना काल के बाद.
आगरा में दिल्ली गेट की चाय सबसे मशहूर है. यहां भी पहले चाय कांच के गिलास में ही मिला करती थी लेकिन अब पेपर कप और कुल्हड़ में ही चाय मिलती है. यहां चाय पीने आने वाले आकाश का कहना था कि वह रात को अक्सर अपने दोस्तों के साथ यहां चाय पीने आते हैं. पहले कांच के गिलास में चाय पीने का मजा ही कुछ और होता था. कांच के गिलास वाली चाय में ऊपर से मलाई डलवाई जाती थी, जिसे पीने का एक अलग ही टेस्ट होता था.