आगरालीक्स…आगरा में छाने लगा क्रिसमस का उत्साह. विश्वकर्मापुरम कॉलोनी में बिखरीं प्रभु के जन्म की खुशियां. क्रिसमस कैरोल्स पर हुई सिंगिंग प्रतियोगिता
क्रिसमस का पावन पर्व नजदीक आते ही पूरे शहर में उत्साह, उल्लास और आध्यात्मिक आनंद का वातावरण बन गया है। घर-घर सजावट की तैयारियाँ जोरों पर हैं और इसी क्रम में क्रिसमस कैरोल सिंगिंग की परंपरा भी पूरे उत्साह के साथ प्रारंभ हो चुकी है। इसी कड़ी में विश्वकर्मापुरम कॉलोनी में एक अत्यंत भावपूर्ण और भक्तिमय आयोजन संपन्न हुआ, जहाँ प्रभु यीशु मसीह के जन्म की खुशियों को गीतों के माध्यम से साझा किया गया। विश्वकर्मापुरम कॉलोनी निवासी श्री रॉबर्ट सिल्वेरा के निवास पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में जैसे ही “क्या दिन खुशी का आया, मेरा प्रभु जन्मा” सहित अन्य पारंपरिक क्रिसमस कैरोल्स गूँजने लगे, पूरा वातावरण आध्यात्मिक आनंद से भर उठा। प्रभु यीशु के जन्म का संदेश—प्रेम, शांति और करुणा—इन मधुर गीतों के माध्यम से जन-जन तक पहुँचा।
इस अवसर पर फादर जोसेफ डाबरे, फादर अजय एवं उनकी मंडली ने भक्तिपूर्ण भाव से क्रिसमस कैरोल्स प्रस्तुत किए। उनकी सुमधुर आवाज़ों और भावनात्मक प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय को छू लिया। गीतों के माध्यम से प्रभु यीशु मसीह के जीवन, उनके त्याग, प्रेम और मानवता के प्रति करुणा के संदेश को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से प्रार्थना कर समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारे की कामना की।
कार्यक्रम की विशेष आकर्षण सांता क्लॉज़ की उपस्थिति रही। सांता क्लॉज़ को देखकर बच्चों के चेहरों पर खुशी देखते ही बनती थी। बच्चों के साथ-साथ बड़ों ने भी इस पल का आनंद लिया और क्रिसमस की खुशियों को आपस में बाँटा। यह दृश्य पूरे आयोजन को और अधिक जीवंत व यादगार बना गया। इस अवसर पर श्री रॉबर्ट सिल्वेरा ने कहा कि क्रिसमस केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, दया और सेवा का संदेश है। उन्होंने बताया कि यह पर्व हमें यह सीख देता है कि हम अपने जीवन में प्रभु यीशु के सिद्धांतों—प्रेम, क्षमा, सेवा और विनम्रता—का अनुसरण करें और समाज में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने में योगदान दें।क्रिश्चियन समाज सेवा सोसाइटी के अध्यक्ष डेनिस सिल्वेरा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कैरल सिंगिंग के साथ ही क्रिसमस पर्व की औपचारिक शुरुआत हो जाती है। उन्होंने बताया, “यह समय केवल उत्सव मनाने का नहीं, बल्कि प्रभु यीशु के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का है। ये कैरोल्स हमें यीशु मसीह के जन्म की खुशियों के साथ-साथ उनके प्रेम, बलिदान और मानवता के संदेश की भी याद दिलाते हैं। हमारा प्रयास है कि इस पावन अवसर पर समाज के हर वर्ग तक प्रेम और सेवा का संदेश पहुँचे।”