आगरालीक्स…बेटी की फीस भरनी थी, दो महीने से दरोगा नहीं दे रहा था तनख्वाह…गुस्सा आया तो गोली मारकर कर दी दरोगा की हत्या…24 घंटे में खुलासा
आगरा रीजन के फिरोजाबाद जिले में दरेागा दिनेश मिश्रा हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा कर दिया. दरोगा दिनेश मिश्रा की हत्या उसके ही नौकर धीरज ने की थी. पुलिस ने हत्यारोपी को अरेस्ट कर उसकी निशानदेही पर हत्याकांड में प्रयुक्त तमंचा बरामद कर लिया है. आरोपी का कहना है कि दो महीने से दरोगा वेतन नहीं दे रहे थे. इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ और गुस्से में हत्या कर दी. हत्या के बाद खुद ही पुलिस व परिजनों को सूचना दी जिससे वह बच सके.
एसपी ग्रामीण रणविजय सिंह ने बताया कि दरोगा की हत्या को लेकर पूरे जिले में अलर्ट किया गया था. एसएसपी ने चार टीमें गठित कर घटना का खुलासा करने के निर्देश दिए थे. सबसे संदिग्ध नौकर धीरज ही लग रहा था, इस कारण उसे हिरासत में लिया गया और कई घंटे तक उससे पूछताछ की गई. काफी समय तक वह पुलिस को गुमराह करता रहा लेकिन सख्ती होने पर वह टूट गया और उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली. पुलिस ने धीरज की निशानदेही पर तमंचा भी बरामद कर लिया है.
छह महीने से कर रहा था नौकरी
पुलिस के अनुसार धीरज ने पूछताछ में बताया कि वह छह महीने से दरोगा दिनेश मिश्रा ने घर का काम करने व लिखापढ़ी में सहयोग करने के लिए उसे 10 हजार रुपये महीने के वेतन पर काम कर रहा था. एक महीने की पगार तो उसे दे दी लेकिन पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिला था. इसको लेकर धीरज का दरोगा के साथ आए दिन कहासुनी हो रही थी. धीरज ने बताया कि एक दिन दरोगा ने उसे बेइज्जत कर दिया जिसके बाद से वह ठिकाने लगाने की सोच रहा था.
तीन अगस्त को वह सब्जी लेने के बहाने दरोगा की बाइक पर उनके साथ गया. चंदपुरा में गांव में स्थित एक ठेके से धीरज ने शराब खरीद की पी जिससे वह नशे में धुत हो गया. दरोगा उसे बाइक पर बिठाकर चौकी की तरफ चल दिए. इसी दौरान चंदपुरा व पीथेपुर के बीच लघुशंका के बहाने धीरज ने बाइक रुकवाई और वहीं पर दरोगा से रुपये मांगे जिस पर कहासुनी हो गई. नशे में होने के कारण धीरज को और गुस्सा आ गया और उसने अपने पास रखे तमंचे से दरोगा की गर्दन में सटाकर फायर कर दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
धीरज के अनुसार वह शिकोहाबाद का रहने वाला है और उसके पिता उपनिरीक्षक के पद से रिटायर हुए थे. उसका आगरा के कालिंदी विहार में मकान है. बीएएसी पास करने के बाद भी नौकरी नहीं लगी. आगरा के डीएलए अखबार में विज्ञापन विभाग में काम किया, बाद में यहां से नौकरी छूटने के बाद एक ट्रांसपोर्टर के पास छह साल तक काम किया. गलत संगत में पड़ने पर शराब पीने का आदी हो गया. इस आदत के कारण पत्नी भी घर छोड़कर चली गई. सात साल की बेटी आगरा में दादी के पास रहकर पढ़ाई कर रही है. बेटी की किताब व फीस के लिए पैसे मांगे तो दरोगा ने देने से मना कर दिया जिससे वह कुछ तनाव में था.