आगरालीक्स…आगरा में पति, पत्नी और 8 साल की बेटी के सामूहिक सुसाइड के पीछे की हैरान करने वाली कहानी….10 साल का बेटा बचा, क्योंकि उसने मरने से कर दिया था इनकार….
आगरा में बुधवार सुबह आवास विकास कॉलोनी में पति—पत्नी और 8 साल की बेटी के सामूहिक सुसाइड केस में बहुत ही हैरान करने वाली कहानी सामने आई है. यह मार्मिक और हैरान करने वाली कहानी पत्नी गीता के द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट के आधार पर है. पुलिस को कमरे के अंदर से कॉपी में एक सुसाइड नोट मिला है. इस सुसाइड नोट पर पत्नी गीता ने लिखा था और उस पर अंगूठा भी लगा हुआ था. यह सुसाइड नोट के अनुसार पति सोनू कई दिनों से पत्नी और परिवार को मारने या मरने की धमकी दे रहा था और वह लगातार पत्नी गीता ओर बेटी सृष्टि पर आत्महम्याक रने का दबाव बना रहा था. पुलिस इस मामले की पूरी जांच कर रही है.

पति के काम न करने और आर्थिक तंगी वजह
आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र की आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर 10 में सोनू अपनी पत्नी गीता और 10 साल के बेटे श्याम और 8 साल की बेटी सृष्टि के साथ रहता था. मंगलवार रात को सभी सोए थे. सुबह बेटा श्याम जागा ता उसने पिता, मां और बहन के शव फंदे से लटके देखा. वह इसके बाद बाहर चला गया. पास में रहने वाली बुआ ने श्याम से एक कटोरी आटा लाने को कहा तो श्याम ने अंदर जाने से मना कर दिया. जब उससे इसका कारण पूछा तो उसने कहा कि उसे डर लग रहा है क्योंकि अंदर सब लटके हुए हैं. इसके बाद परिजनों को घटना का पता चल सका. तीनों को फंदे से नीचेे उतारा, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. सूचना पर पुलिस पहुंच गई और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया.

कमरे में मिला सुसाइड नोट
पुलिस ने कमरे की तलाशी ली तो यहां एक कापी में सुसाइड नोट मिला. संभवत: यह सुसाइट नोट गीता ने अपनी बेटी सृष्टि से लिखवाया था. सुसाइड नोट में नीचे गीता का नाम था और उस पर अंगूठे का निशान भी बना हुआ था. सुसाइड नोट में आत्म्हत्या के पीछे आर्थिक तंगी और बेरोजगारी को जिम्मेदार ठहराया गया है. सुसाइड नोट में लिखा कि जब से हरिद्वार से आगरा आए हैं, पति कोई काम नहीं कर रहे हैं. घरवालों पर बोझ बने हुए हैं. इस सुसाइड नोट में एक और बात सामने आई है और वह है पति सोनू द्वारा लगातार आत्महत्या के लिए परिवार पर दबाव बनाना. पत्नी की तरफ से लिखा गया है कि यह कहते हैं कि आत्महत्या कर लो, अगर नहीं करोगे तो मार दूंगा.
पहले से तय की गई थी सामूहिक आत्महत्या
सुसाइड नोट में गीता ने लिखा है कि पति कहने पर भी काम नहीं करता है. बात—बात पर मरने और मारने की धमकी देता है. कहता है मर जाओ नहीं तो मार दूंगा. वो परिवार से बहुत प्यार करती है ओर इसीलिए उसने एक साथ करने का विचार बनाया है. इसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं है. सुसाइड नोट में बेटे श्याम के द्वारा मरने को तैयार न होने के कारण उसे सास—ससुर के पास छोड़ने और ख्याल रखने की बात लिखी गई है. पुलिस के अनुसार संभावना है कि सामुहिक आत्महत्याकांड का ताना बाना पहले ही तय था. इधर परिजनों ने बताया कि आठ दिन से सोनू ने पत्नी गीता को कमरे से बाहर नहीं निकलने दिया था. आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की पढ़ाई भी दो साल से बंद थी. इन सब बातों से गीता इतना परेशान हो चुकी थी कि उसने एक साथ परिवार के अंत की बात सोच ली.
श्याम के सामने हुई घटना
परिजनों ने पुलिस को बताया कि मंगलवार शाम के बाद से कमरा नहीं खुला था. रात में तेज आवाज में टीवी चल रही थी, बगल के कमरे में ही भाई देवेश भी रहता है. तेज आवाज में टीवी चलने के कारण उसे भी पता नहीं चला. सुसाइड नोट से यह लग रहा है कि सोनू, उसकी पत्नी और बेटी ने सुसाइड करने की सहमति दे दी थी लेकिन श्याम ने सहमति न दी हो, इसलिए वह बच गया.
गीता से की थी लव मैरिज
परिजनों ने बताया कि सोनू शर्मा ने गीता से लव मैरिज की थी, इसके बाद वह हरिद्वार चला गया और वहां सीएनजी गैस भरने का काम करने लगा. उसका एक्सीडेंट हो गया तो आगरा लौट आया पहले किराए के मकान में रहा इसके बाद अपने घर आ गया. वह कोई काम नहीं करता था और घर पर ही रहता था. पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है.