आगरालीक्स…छोटे भाई की तलाश में बेंगलुरु से आगरा आया बड़ा भाई. भाई का भी पता लग गया और बिछुड़े माता—पिता भी मिल गए….पढ़ें पूरी न्यूज
ये कहानी पढ़ने में फिल्मी जरूर लग सकती है लेकिन ये हकीकत की कहानी है. 19 साल का एक युवक अपने छोटे भाई की तलाश में आगरा आगरा. यहां समाजसेवी नरेश पारस की मदद से उसे अपने छोटे भाई का पता तो चला ही साथ ही दस साल पहले बिछुड़े मां—बाप भी यहां मिल गए. 22 वर्ष पहले बिहार के धनबाद से आगरा काम की तलाश में आया यह परिवार वर्ष 2012 में बिछुड़ गया था जिसके दस साल बाद आज फिर से पूरा परिवार मिल गया. अपने बेटे को पाकर मां—बाप की भी खुशी का ठिकाना नहीं रहा.
ये है पूरा मामला
वर्ष 2000 में एक बिहार के धनबाद का रहने वाला एक परिवार काम की तलाश में आगरा आया था. वर्ष 2012 में इस परिवार का 9 साल का बड़ा बेटा और 2 साल का छोटा बेटा परिवार से बिछुड़ गया. दोनों भाइयों को आगराके राजकीय बाल गृह में रखा गया. यहां बड़े भाई के दस साल पूरे होने के बाद उसे फिरोजाबाद के राजकीय बाल गृह में शिफ्ट कर दिया गया, जबकि छोटा भाई आगरा के राजकीय बाल गृह में ही रहा. बड़े भाई को यह जानकारी थी कि उसका छोटा भाई आगरा के बाल गृह में ही है, मगर वह कुछ नहीं कर सका. इधर बड़े भाई के बालिग होने पर एक संस्था उसे लखनऊ ले गई जहां से एक निजी कंपनी में नौकरी लगने पर वह बेंगलुरु पहुंच गया. यहां करीब दो साल नौकरी करने के बाद अब वह अपने छोटे भाई की तलाश में आगरा आया.

बड़े भाई ने आगरा के बालगृह में अपने छोटे भाई के बारे में जानकारी की तो पता चला कि उसका छोटा भाई भी फिरोजाबाद के राजकीय बालगृह में शिफ्ट हो चुका है. यहां उसको इटली के एक दंपत्ति् द्वारा गोद लेने की प्रक्रिया चल रही थी. बड़े भाई ने गोद लेने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई और इसके बाद वह आगरा आगरा आकर समाजसेवी नरेश पारस से मिला. पूरे मामले की जानकारी पर नरेश पारस ने उसे डीएम आगरा के सामने पेश किया और इसके बाद फिरोजाबाद राजकीय बाल गृह में भी बातचीत की. उन्होंने परिवार न्यायालय आगरा 3 में गोद लेने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई. इस पर कोर्ट ने 23 जुलाई को बाल गृह के अधीक्षक को पत्रावली के साथ तलब किया है.
माता पिता भी मिले
समासेवी नरेश पारस को युवक ने बताया कि उसके माता—पिता भी आगरा में ही झुग्गी झोंपड़ियों में रहते थे, इतना उसे याद है. इस पर नरेश पारस उसे अपने साथ लेकर आगरा किला केसामने झुगगी झोपड़ियों में पहुंचे. शुक्रवार को यहां कई लोगों से पूछताछ की गई तो यहां युवक को अपने मां—बाप भी मिल गए. उन्होंने भी अपने बच्चे को पहचान लिया. युवक ने भी अपने छोटे भाई और बहन को पहचान कर उनको नाम से संबोधित किया. अपने बेटे को पाकर मां—बाप की खुशी का ठिकाना नहीं है. अब पूरा परिवार मिलकर छोटे बेटे को लेने के लिए कोर्ट में पेश होगा.