आगरालीक्स….स्कूली बच्चों का पूरे दिन का शेड्यूल. सुबह छह बजे से रात 9 बजे तक पढ़ाई के प्रेशर में बच्चे. एग्जाम्स से लेकर ट्यूशन और होमवर्क की टेंशन में हो रहे बीमार, ऊपर से भीषण गर्मी,
सितंबर का महीना चल रहा है और गर्मी ऐसी पड़ रही है मानो मई और जून का महीना चल रहा हो. इस गर्मी से सबसे अधिक कोई परेशान हैं तो वो हैं स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चे. कहने को तो ये बच्चे छोटे-छोटे हैं लेकिन आजकल इन पर प्रेशर इतना अधिक है कि एक वयस्क व्यक्ति के पास भी नहीं होगा. सुबह छह बजे से लेकर रात नौ बजे तक बच्चे पढ़ाई के प्रेशर में हैं. सात से आठ घंटे स्कूल में बिताने के बाद घर आकर होमवर्क और ट्यूशन की टेंशन उन्हें दिनभर लगी रहती है. अगर किसी दिन होमवर्क कम्प्लीट न हुआ तो अगले दिन टीचर की डांट. इस समय एग्जाम्स का भी समय हैं. अधिकतर स्कूलों में 15 सितंबर के बाद हाफ ईयरली एग्जाम्स हैं…ऐसे में बच्चों को एग्जाम्स की अलग से टेंशन हैं.

बच्चों का पूरे दिन का शेड्यूल देखें
- सुबह 5 बजे उठ जाना
- छह बजे तक स्कूल के लिए तैयार हो जाना और वैन का इंतजार करना
- सात बजे तक स्कूल पहुंचना
- 7 घंटे तक स्कूल में रहना
- दोपहर दो बजे के करीब भीषण गर्मी में स्कूल से घर आना
- एक घंटा रेस्ट भी नहीं मिलता, ट्यूशन का काम कम्पलीट करना
- चार से 5 या 6 बजे तक ट्यूशन में बिताना
- घर आने के बाद स्कूल का होमवर्क पूरा करना, जिसमें 1 से दो घंटे आराम से लग जा रहे हैं.
- रात 9 बजे तक पढ़ाई पूरी करना
थकावट से बच्चे हो रहे बीमार
पढ़ाई, एग्जाम्स, होमवर्क और ट्यूशन का ये प्रेशर बच्चों को थका रहा है और इसके चलते वह बीमार हो रहे हैं. खेलने का समय तो जैसे उनके लिए अब रहा ही नहीं है. पेरेंट्स भी बच्चों को स्कूल और ट्यूशन का काम कम्पलीट करने का प्रेशर अलग से देते हैं जिससे बच्चे बीमार हो रहे हैं. दिन में स्कूल के समय इतनी अधिक गर्मी पड रही है कि अक्सर पेरेंट्स के पास उनके बच्चे के बीमार होने के मैसेज आ रहे हैं. पेट में दर्द व उल्टी होने से कई बच्चों को डॉक्टरों के क्लीनिकों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. इस समय गर्मी का तापमान पहले से कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है. एक अनुमान के मुताबिक इस समय 40 प्रतिशत स्कूली बच्चे थकावट से जूझ रहे हैं.