आगरालीक्स…आगरा में गुर्दे की पथरी की रोबोटिक और एआई से सर्जरी के साथ ही यूरोलॉजिस्ट “व्हाइट कोट, डिफरेंट वर्ल्डस” यानी डॉक्टरों की सरकारी, कॉर्पोरेट और फ्रीलांस प्रैक्टिस में क्या अंतर है…UAUCON 2026 का 28 फरवरी और एक मार्च को होटल जेपी पैलेस में हो रहा आयोजन हो रहा है। रविवार को UAUCON 2026 का पोस्टर विमोचन किया गया.
उत्तर प्रदेश यूरोलॉजिकल एसोसिएशन के 11वें वार्षिक सम्मेलन, UAUCON 2026 में 250 से अधिक यूरोलॉजिस्ट शामिल होंगे. इस बार भविष्य की जरूरत थीम पर आयोजित होने जा रही इस कांफ्रेंस में मूत्र मार्ग, पेशाब संबंधी समस्या में आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस और रोबोटिक सर्जरी की मदद और जटिल सर्जरियों पर चर्चा की जाएगी.रोबोटिक बनाम लैप्रोस्कोपिक सर्जरी पर होगी चर्चा
पहले दिन 28 फरवरी को रोबोटिक रोबोटिक एंड लेप्रोस्कोपिक सर्जरी पर सेशन होगा. इसमें लखनऊ, नोएडा, गोरखपुर, झांसी और वाराणसी जैसे शहरों के डॉक्टर अपने रियल लाइफ केस स्टडीज पेश करेंगे. वो बताएंगे कि कैसे रोबोटिक सर्जरी के दौरान किडनी की नस में चोट लगने या पथरी के ऑपरेशन के बाद इंफेक्शन फैलने जैसी गंभीर परिस्थितियों में उन्होंने मरीज की जान बचाई. यह सत्र किसी किताब से ज्यादा सीख देने वाला होगा क्योंकि यहाँ " गलतियों से सीखने" का मौका मिलेगा. दोपहर से पहले का सबसे रोमांचक सत्र होगा "प्रैक्टिकल गाइड टू एआई।" इसमें डॉक्टरों को बताया जाएगा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनी दिनचर्या में कैसे उतारा जाए.
दोपहर बाद का सबसे दिलचस्प सत्र होगा "व्हाइट कोट, डिफरेंट वर्ल्डस" यानी सरकारी, कॉर्पोरेट और फ्रीलांस प्रैक्टिस में क्या अंतर है? इस पैनल डिस्कशन में डॉक्टर बताएंगे कि सरकारी अस्पताल में काम करने की चुनौतियां क्या हैं, कॉरपोरेट अस्पताल में क्या दिक्कतें आती हैं और अगर कोई डॉक्टर अपना खुद का क्लीनिक खोलता है तो उसे किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. यह सत्र युवा डॉक्टरों के लिए करियर की प्लानिंग करने में मील का पत्थर साबित होगा.
एक मार्च को किडनी के ट्यूमर, प्रोस्टेट की समस्या पर होगी चर्चादूसरे दिन एक मार्च को सुबह का सत्र रहेगा पेपर सत्र (पपोडियम) का. यहाँ युवा शोधकर्ता अपने रिसर्च पेपर पेश करेंगे. इसमें भारतीय मरीजों में छोटे किडनी ट्यूमर का प्रबंधन, बीपीएच (प्रोस्टेट की समस्या) के लिए नई सर्जरी के नतीजे, ब्लैडर कैंसर में नए बायोमार्कर की खोज, रोबोटिक् सर्जरी के बेहतर परिणाम पर शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे. इसके साथ ही डॉक्टर अपनी जटिल सर्जरी के केस वीडियो के माध्यम से साझा करेंगे.
डॉक्टर सीखें और फिर प्रैक्टिस करें
कार्यशाला में डॉक्टरों को नई टेक्नोलॉजी और सर्जरी का प्रशिक्षणभी दिया जाएगा जिससे डॉक्टर पहले नई तकनीक को सीखें और इसके बाद मरीजों का इलाज करें.
ये होंगे शामिल
इसमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली-एनसीआर और देश के अन्य हिस्सों से 250 से अधिक नामी यूरोलॉजिस्ट और रिसर्चर शिरकत करेंगे. कार्यक्रम में यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (यूएसआई) के अध्यक्ष डॉ. केशवमूर्ति रामैया और यूएसआई के निर्वाचित सचिव डॉ. अनुप कुमार के साथ-साथ डॉ. अपुल गोयल, डॉ. एच. एस. पाहवा, डॉ. अनीश श्रीवास्तव, डॉ. दिवाकर दलेला, डॉ. एके संवाल, डॉ. संजॉय कुमार सुरेका और डॉ. विश्वजीत सिंह जैसे कई दिग्गज शामिल होने जा रहे हैं. प्रेस वार्ता के दौरान आयोजन अध्यक्ष डॉ. विजय बोरा, आयोजन सचिव डॉ. दिलीप मिश्रा, डॉक्टर मधुसूदन अग्रवाल, डॉक्टर अनुराग यादव, डॉक्टर नितिन गर्ग, डॉटर श्रेयांश चाहर, डॉ दीपक मौजूद रहे.