आगरालीक्स…आगरा में चुनाव हो सकते हैं तो स्कूल क्यों नहीं खोल सकते? एमएलसी को साथ लेकर स्कूल प्रबंधकों और शिक्षकों ने कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल खोलने की मांग की.
संयुक्त शिक्षा निदेशक को दिया ज्ञापन, किया प्रदर्शन
भारतीय शैक्षणिक संगठन, उत्तर प्रदेश के बैनर तले संगठन के अध्यक्ष और शिक्षक- विधायक डॉ. आकाश अग्रवाल के नेतृत्व में शुक्रवार को संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश अग्रवाल को ज्ञापन दिया गया। इस दौरान दर्जनों वित्तविहीन स्कूलों के प्रबंधकों और शिक्षकों ने कक्षा 1 से 8 तक के बंद किए गए स्कूलों को पुनः खोले जाने के साथ-साथ शिक्षकों को कोरोना काल का आर्थिक सहयोग प्रदान करने की मांग करते हुए शिक्षक एकता जिंदाबाद के नारे लगाए।
बच्चों की शिक्षा हुई प्रभावित
डॉ. आकाश अग्रवाल ने इस मौके पर कहा कि लॉकडाउन के नाम पर केवल विभिन्न स्कूलों को निशाना बनाते हुए फिर से बंद किया जा रहा है जबकि इसी अवधि में सरकार द्वारा विभिन्न चुनाव कराए जा रहे हैं। जब चुनाव हो सकते हैं तो स्कूल क्यों नहीं खोले जा सकते? उन्होंने कहा कि लॉकडाउन लगने के कारण पिछले 1 वर्ष में स्कूलों एवं शिक्षकों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ा है। स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों की शिक्षा भी इससे प्रभावित हुई है। स्कूल बंद करने से शिक्षक 1 वर्ष से आर्थिक संकट झेल रहे हैं। लाखों छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। अतः स्कूलों को तत्काल खोला जाए और कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को स्कूलों में आने की अनुमति दी जाए। ज्ञापन देने वालों में महासचिव राजेंद्र सिंह, शैलेंद्र तिवारी, राजेश अरेला, बीपी गौतम, सत्यभान सिंह, अमित त्यागी, नवल किशोर, हाथरस से उमेश दीक्षित, फिरोजाबाद से डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह और अनिल यादव तथा अंगद धारिया, शशि कांत उपाध्याय और नेत्रपाल सिंह चौहान प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।