आगरालीक्स ….आगरा के आंबेडकर विवि में परीक्षा कार्य करने वाली एजेंसी से 1.41 करोड़ रिश्वत लेने वाला अजय मिश्रा स्कूटर से चलता था, अब मर्सिडीज है, कंपनी का करोड़ों का टर्नओवर, प्रो विनय पाठक हो सकते हैं अरेस्ट.

आगरा के आंबेडकर विवि में परीक्षा कार्य करने वाली कंपनी से पूर्व कार्यवाहक कुलपति प्रो. विनय पाठक ने अपने दलाल अजय मिश्र , इसकी भी परीक्षा कार्य करने की एजेंसी और कानपुर सहित कई कॉलेजों में काम कर रही है, के माध्यम से 1.41 करोड़ की रिश्वत ली, इस मामले में आगरा में परीक्षा कार्य कर रही कंपनी के संचालक डेविड ने पूर्व कार्यवाहक कुलपति प्रो. विनय पाठक और अजय मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है, अजय मिश्रा को एसटीएफ ने अरेस्ट कर लिया है।
स्कूटर से मर्सिडीज कार
एसटीएफ की पूछताछ में सामने आया है कि अजय मिश्रा लखनऊ का रहने वाला है, 15 साल पहले वह स्कूटर से चलता था, 12 वीं के बाद सीए की तैयारी की लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद कंप्यूटर डाटा का काम किया और अपनी कंपनी शुरू कर विवि का परीक्षा कार्य शुरू कर दिया। प्रो. विनय पाठक कानपुर विवि के कुलपित के साथ ही आगरा विवि के कार्यवाहक कुलपति बने, अजय मिश्र ने यहां भी हस्तक्षेप किया और परीक्षा कार्य करने वाली कंपनी का भुगतान करने के एवज में तीन बार में 1.41 करोड़ की रिश्वत ली।
100 करोड़ का कंपनी का टर्नओवर
अजय मिश्रा की कंपनी का टर्नओवर 100 करोड़ है और 250 कर्मचारी काम कर रहे हैं।