आगरालीक्स…वीडियो देखें, आगरा में फर्जी वेबसाइट बनाकर 1500 लोगों को नेटवर्क बनाया, इनसे 50 करोड़ ठगे गए. कोरोना काल के बाद बना एक ऐसा गैंग जो बनाता था लोगों को शिकार. पुलिस ने किया अरेस्ट
आगरा की थाना साइबर पुलिस ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है जो लोगों को क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर लोगों को ठगने का काम करता था. इस गिरोह ने अपने नेटवर्क में आगरा के करीब 1500 लोगों को जोड़ा और उनसे 50 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया. पुलिस ने गैंग के एक सदस्य को अरेस्टकिया है. कोरोना काल के बाद यह गैंग एक्टिव हुआ था. पुलिस अब इस गैंग के सदस्यों की तलाश में हैपुलिस ने गैंग के शातिर सदस्य अजय उर्फ टीपू को अरेस्ट किया है. पूछताछ में उसने बताया कि वह 23 साल पहले एक कंपनी में डिस्ट्रीब्यूटर था. यहां उसकी मुलाकात नरेंद्र नाम के युवक से हुई. कोरोना काल के बाद नरेंद्र ने, गोपाल, विनय और विनोद के साथ मिलकर एक फर्जी क्रिप्टो वेबसाइट बनाई और लोगों को रैफरल कोड के माध्यम से जोड़ा गया. ये गैंग लोगों को महंगी गाड़ियों और हाईफाई लाइफस्टाइल का लालच देकर उनसे निवेश कराते थे. पुलिस ने बताया कि इन्होंने एक फर्जी ईमेल आईडीऔर वेबसाइट बनाई जिसका नाम www.astcoin.biz था. उन्होंने वेबसाइट का संचालन के लिए एक कंपनी से सर्वर लिया था. निवेशकों से संपर्क कर उन्हें उच्च लाभ का लालच देकर उन्हें एक कथित विदेशी कंपनी के नाम पर ऑनलाइन प्रशिक्षण व निवेश के लिए प्रेरित किया. वेबसाइट का उपयोग कर लोगों से करोड़ों रुपये ऐंठे गए. शिकायत पर 15 अप्रैल 2024 को थाना साइबर क्राइम में मुकदमा दर्ज किया गया था.
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने वेबसाइट से जुड़े डिजिटल ट्रेल, बैंक लेनदेन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज की. जांच में सामने आया कि गिरोह ने संगठित तरीके से निवेशकों को झांसा देकर धनराशि अपने खातों में ट्रांसफर करवाई. पुलिस ने इस गैंग में शामिल अजय को अरेस्ट किया है और अब गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में है.