आगरालीक्स…आगरा में एकजुट हुआ पंजाबी समाज, धर्मांतरण पर जताया आक्रोश. लिया संकल्प—नई पीढ़ी को बताएंगे—धर्म के लिए हमारे गुरुओं का बलिदान…संस्कृति के साथ शास्त्र की देंगे शिक्षा…कई प्रस्ताव पास
आगरा के थाना सदर क्षेत्र के रहने वाले पंजाबी परिवार की दो बेटियों के अवैध धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद से पंजाबी समाज में आक्रोश है. आगरा में पंजाबी विरासत परिवार (पंजाबी, सिख, खत्री, बहावलपुरी एवं मुल्तानी समाज) ने ऐसे षड्यंत्रों की कड़ी निंदा करते हुए स्पष्ट किया है कि लोभ, लालच, दबाव और जादू-टोना जैसे घिनौने हथकंडों से बेटियों को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करना पूरी सभ्यता पर हमला है. रविवार को पंजाबी विरासत परिवार की एक बृहद बैठक पंजाब भवन (ग्रैंड होटल के पास), आगरा कैंट में आयोजित हुई. यह बैठक पंजाबी विरासत परिवार के अध्यक्ष पूरन डावर एवं संत बाबा प्रीतम सिंह की सरपरस्ती में संपन्न हुई. परिवार के महामंत्री बंटी ग्रोवर और मीडिया समन्वयक भूपेश कालरा ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य इन षड्यंत्रकारी गतिविधियों के विरुद्ध समाज को जागरूक करना, एकजुट करना और सकारात्मक कदमों पर विचार करना है.
अपने बच्चों को अपनी संस्कृति, सभ्यता से अवगत कराएं
पंजाबी विरासत परिवार के कार्यकारी अध्यक्ष अनिल वर्मा, संरक्षक चरणजीत थापर,नरेंद्र तनेजा, चंद्र मोहन सचदेवा, वीर महेंद्र पाल सिंह, मनमोहन निरंकारी, रानी सिंह तथा श्री गुरु सिंह सभा माईथान के प्रधान सरदार कंवल दीप सिंह ने समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि सब अपने अपने बच्चों को अपनी संस्कृति,सभ्यता से अवगत कराएं और ऐसे षड्यंत्रकार्यों के षड्यंत्र के जाल में नहीं फंसना है…इस बारे में बताएं.
इस इस मीटिंग के दौरान कई प्रस्ताव पास हुए
अभिभावकों द्वारा बच्चों को समय देना और उनसे संवाद कायम करना.
धर्मांतरण कानून को और सशक्त किया जाए
जनसंख्या नियंत्रण कानून को लागू किया जाए
अन्य बोर्डो की तरह ही सनातन बोर्ड की स्थापना की जाए
बच्चों को शस्त्र व शास्त्र दोनों की शिक्षाएं दी जाए
स्कूलों में हमारी भारतीय संस्कृति के अनुरूप वेशभूषा धारण करवाई जाए
स्कर्ट संस्कृति के सभी विरोध में दिखे
बच्चों को अपने-अपने धार्मिक स्थान जैसे मंदिर, गुरुद्वारों के लिए जाने की परंपरा फिर से शुरू की जाए
पुरुषों को तिलक व जनेऊ के बारे में बताया गया
आगरा में विरासत द्वारा एक अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने की भी बात पर जोर तरीके से उठी
अपने गुरुओं का बलिदान याद रखेंगे
वक्ताओं में कार्यकारी अध्यक्ष अनिल वर्मा ने बताया कि किसी भी व्यक्ति को धोखे से प्रलोभन देकर य धमकी देकर दूसरे धर्म में धर्मांतरण करना एक कानूनी अपराध है. इसमें कठोर सजा का भी प्रावधान है. डॉक्टर तरुण शर्मा ने अपने बात रखते हुए का कि हमें उन गुरुओं का बलिदान याद रखना चाहिए जिन्होंने अधर्म को नहीं स्वीकार किया. धर्म की खातिर अपने पूरा परिवार तक कुर्बान कर दिया. वहीं आर्य समाज के प्रधान वीरेंद्र कंवर ने अपनी बातों से कुठाराघात करते हुए बताया कि हमें अपने बच्चों पर और उनकी शिक्षा पर संस्कारों पर बल देना होगा. पीढ़ी को बताना होगा कि किस प्रकार बलिदानों से हमारा धर्म बना है.
ये लोग रहे मौजूद
वहीं गुरुद्वारा के भाई अमरीक सिंह ने बताया कि आज हमारी पीढ़ी अपने धर्म ग्रंथो शास्त्रों का अध्ययन नहीं करती, हम अपने बच्चों को समय नहीं देते जब हम उन्हें संस्कार ही नहीं डालेंगे तो उनको कैसे पता चलेगा हमारे इतिहास के बारे में. इस अवसर पर नरेंद्र तनेजा, गुरमीत सेठी, दीपक ढल, दलजीत सेठिया, रंजीत सामा, राज सेठ कपूर, ज्ञानी कुलविंदर सिंह, रवि नारायण, जगदीश बत्रा, अमित खत्री, राजकुमार घई, मोनिका सचदेवा, राणा रणजीत सिंह, रमेश खन्ना, अजय हिंदुस्तानी, मुल्तान समाज से यशपाल जोगिया, खत्री समाज से अमित खत्री, विकास कक्कर, आरके टंडन, नितिन मेहरा, बहावलपुर समाज से भद्रसेन वाधवा, श्याम जगिया, सुधीर जगिया व अन्य सभी ने इसी तरह के विचार व्यक्त किए. मीडिया समन्वयक भूपेश कालरा,सुनंदा अरोरा,मोनिका सचदेवा,कुसुम महाजन, अंजना असीजा, मन्नू महाजन आदि उपस्थित रहे.