आगरालीक्स.. आगरा में शहीद कांस्टेबल बबलू का शव पहुंचा, उन्हें सलामी दी गई, पढे एक राजमिस्त्री का बेटा सपने पूरे करने चला था, परिजनों से कहा अब कोई परेशानी नहीं होगी।
कानपुर में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकडने गई पुलिस टीम पर ताबडतोड पफायरिंग की गई, इसमें सीओ सहित आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए, इसमें आगरा निवासी कांस्टेबल बबलू कुमार भी थी, शुक्रवार रात को उनका शव गांव पहुंचा। यहां उन्हें सलामी दी गई।
आगरा के फतेहाबाद के गांव के रहने वाले थे बबलू, पांच बहनें और चार भाई
बबलू फतेहाबाद के गांव पोख पांडे के रहने वाले थे, 2018 में सिपाही भर्ती में उनका चयन हुआ, ट्रेनिंग के बाद कानपुर में ही सिपाही के पद पर ज्वाइन कर लिया, वे जून को अपने गांव आए थे, उनकी गुरुवार शाम को अपने बडे भाई दिनेश से फोन पर बात हुई थी। चार भाइयों में बबलू तीसरे नंबर के थे। पिता और बड़े भाई पैरों से दिव्यांग हैं, बबलू के बड़े भाई दिनेश ते हैं। छोटे भाई उमेश ने इस वर्ष 12वीं की परीक्षा पास की है। बबलू के पांच बहनें हैं।

मथुरा के रहने वाले हैं सिपाही जितेंद्र
मथुरा के औरंगाबाद स्थित इंदिरा आवास कॉलोनी में जितेंद्र का घर है, सुबह पिता तीर्थपाल को फोन पर जानकारी मिली। तीर्थपाल सिंह के तीन बेटों में सबसे बड़े जितेंद्र अविवाहित थे।