नमस्कार मित्रो
यह सियासी भूचाल है, भूकंप का डर किसे है, खिचडी तो पक चुकी है
आगरालीक्स….आठ नवंबर, रात आठ बजे, पीएम नरेंद्र मोदी बोले आज रात 12 बजे से 1000 और 500 रुपये के नोट लीगल टेंडर नहीं रहेंगे। नौ नवंबर को सन्नाटा, इसके बाद सियासी बयानबाजी, लेकिन सधे शब्दों में, आम जनता का रुख नोटबंदी के समर्थन में था, इसे भांपने के बाद तो शब्द भी तोल तोल कर बोले गए, राजनैतिक दलों के थिंक टैंक नोटबंदी के समुद्र मंथन में विष और अमृत का आकलन करने में जुट गए। पश्चिम बंगाल की तरफ से लहरें तेज हुईं, दिल्ली उसके साथ हो गई, लेकिन विपक्ष बिखर गया। नोटबंदी को लेकर संसद में हंगामा करने वाले बयान देते समय भ्रष्टाचार और रिश्वत का विरोध करते नजर आए, लेकिन आम जनता के दुख दर्द को बयां करने के लिए लाइन में भी लगे, मौतों की आंकडेबाजी शुरू कर दी।
5 राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले नोटबंदी से सियासी भूचाल आ चुका था, यह दिखाई देने लगा। लाइन में लगे लोगों का सब्र भी जवाब देने लगा है जब उन्हें खबरें दिखाई और सुनाई देती हैं कि करोंडों और लाखों के नए नोट ले जाते हुए लोगों को पकड़ा जा रहा है। बैंक और एटीएम की लाइन में लगे लोग भ्रष्टाचार मुक्त देश की दलील देते हुए देश भक्त की अग्रिम पंक्ति में खड़े हो रहे थे, अब इन लाइनों में खड़े लोगों की चर्चा भ्रष्टाचार मुक्त देश की परिकल्पना में नए प्रयोग के बाद नए तरह के भ्रष्टाचार पर होने लगी है। सब्र जवाब दे चुका है, आक्रोश है कि घंटों लाइन में लगने के बाद कैश खत्म हो जाता है, हमारे ही देश में करोड़ों रुपये के नए नोट के साथ लोगों को पकड़ा जा रहा है। सियासी भूचाल में भूकंप का डर नहीं रहा है। सही मायने में खिचड़ी पक रही है, आगे क्या होगा, यह कयास जैसे जैसे दिसंबर की अंतिम तारीख नजदीक आ रही है बदलते जा रहे हैं।
योगेंद्र दुबे
संपादक
agraleaks.com
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