आगरालीक्स.. आगरा के डॉ दीप्ति अग्रवाल की मौत पर डॉक्टर परिवार पर मुकदमा दर्ज होने के बाद मुश्किल बढी, दहेज मांगी, तीन साल पहले मारपीट की
आगरा में तीन अगस्त को विभव वैली व्यू अपार्टमेंट, विभव नगर में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ . दीप्ति फ्लैट में फंदे से लटकी मिली। ह्रदय रोग विशेषज्ञ पति डॉ सुमित अग्रवाल ने सफायर हॉस्पिटल में भर्ती किया। यहां से फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल रेफर कर दिया। 7 अगस्त को फरीदाबाद के अस्पताल में मौत हो गई। डॉ दीप्ति के पिता कोसी कला निवासी डॉ नरेश मंगला आठ अगस्त को आगरा पहुंचे। थाना ताजगंज में तहरीर दी।
दहेज हत्या के आरोप में मुकदमा
डॉ. नरेश मंगला द्वारा थाना ताजगंज में दी तहरीर में आरोप लगाए हैं कि उनकी बेटी डॉ दीप्ति 3 नवंबर 2014 को डेढ़ करोड़ रुपये का दहेज देकर डॉ. सुमित से शादी की थी। मगर, इससे ससुरालीजन खुश नहीं थे। दहेज के लिए वे डॉ. दीप्ति से दुव्र्यवहार करते थे। कुछ दिन उन्होंने चेक से रुपये दे दिए। मगर, बाद में रुपये देना बंद कर दिया। तभी से लगातार धमकी मिल रही थीं। तहरीर में आरोप लगाया है कि दीप्ति को 18-19 दिन पहले ससुराल वालों ने बुरी तरह पीटा था। धमकाया था कि मायके में सूचना दी तो खैर नहीं। तीन अगस्त को दीप्ति ने दोपहर 3.09 बजे और शाम 5.31 पर उन्हें इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने यह भी कहा था कि ससुराल वाले मंत्रणा कर रहे हैं। उन्हें जान जाने का खतरा है। वे फरीदाबाद में थे। आने में समय लग गया। तब तक आरोपितों ने अपने मंसूबे पूरे कर लिए। मरणासन्न हालत में अपने बचाव को दीप्ति को अस्पताल में भर्ती कर लिया था। सही उपचार भी नहीं दिया। इस मामले में तहरीर के आधार पर डॉ एससी अग्रवाल, अनीता अग्रवाल, डॉ अमित अग्रवाल, डॉ तूलिका अग्रवाल, डॉ सुमित अग्रवाल पर मुकदमा दर्ज करने के बाद सीओ स्तर के अधिकारी को विवेचना में लगाया है।
तीन वर्ष पहले की थी दीप्ति से मारपीट
दीप्ति के पिता का कहना है कि वर्ष 2017 में बेटी के साथ ससुराल में मारपीट की गई थी। उन्होंने वृंदावन में मेडिकल भी करा लिया था। तभी डॉ. एससी अग्रवाल को पता चल गया। उन्होंने कार्रवाई के डर से गलती का अहसास करते हुए भविष्य में ऐसा न होने की बात कही और मना लिया। अगर तभी कार्रवाई हो जाती तो ऐसा नहीं होता।