
किनारी बाजार में ज्वैलर्स ने 50 रुपये किलो मोदी आलू, 60 रुपये किलो जेटली गोभी और मटर 80 रुपये किलो में बेची। सब्जी के लिए पैन कार्ड अनिवार्य कर दिया गया, वहीं विपक्षी दलों के लिए हर सब्जी पांच रुपये किलो में बेचकर टैक्स लगाने का विरोध किया।
श्री सराफा कमेटी अध्यक्ष आनंद अग्रवाल ने कहा कि आंदोलन को आठ दिन हुए, लेकिन केंद्र सरकार के कानों पर जूं नहीं रेंग रही। देवेंद्र गोयल ने कहा कि सरकार अपनी हठधर्मिता से बाज आए। जिस तरह से ईपीएफ पर टैक्स वापस लिया है, उसी तरह व्यापारियों से यह टैक्स वापस लिया जाए। व्यापारी इस कानून को वापस लेने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर भी बैठ सकते हैं।
सराफा व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में विपक्षी नेताओं से मिलने गया है। गुरुवार को कई विपक्षी दलों के नेताओं से उनकी मुलाकात होनी है।
अपने शीर्ष नेताओं की खरी खोटी सुन रहे भाजपाई
सराफा कारोबारियों का बड़ा वर्ग भाजपा का समर्थक माना जाता रहा है, बजट में किए गए एक्साइज ड्यूटी के प्रावधान के बाद भाजपा सरकार व्यापारियों के निशाने पर हैं। अनिश्चितकालीन हड़ताल में विपक्षी दलों के नेताओं की मौजूदगी में केंद्र पर आरोप लगाए जा रहे हैं, नेताओं को खरी खोटी सुनाई जा रही है।
ऐसे में धरने में शामिल भाजपा नेताओं को अपनी ही सरकार का विरोध झेलना पड़ रहा है। भाजपा नेता सराफा कारोबारियों के धरने में शामिल होने से बच रहे हैं।
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