आगरालीक्स…अहोई अष्टमी 13 अक्टूबर को. ज्योतिषाचार्य आशिमा शर्मा से जानें कितने बजे निकलेगे तारे. पूजा का क्या समय होगा
सनातन धर्म में परिवर और रिश्तों का विशेेष महत्व है. जहां हर संबंध की सुरक्षा और खुशहाली के लिए कई व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं. इसी में से एक है अहोई अष्टमी का पर्व. यह पर्व मातृत्व प्रेम का उदाहरण है जिसमें माताएं अपनी संतान की रक्षा और उन्नति की कामना करती है और व्रत रखती हैं.
ज्योतिषाचार्य आशिमा शर्मा ने बताया कि अहोई अष्टमी कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है. इस दिन माताएं सूर्योदय से लेकर रात में तारे निकलने तक व्रत रखती हैं और शाम को तारे निकलने के बाद उनकी पूजा अर्चना कर व्रत खोलती हैं. यह व्रत संतान के जीवन से जुड़ी सभी बाधाओें को दूर करता है और संताान के जीवन में सुख समृद्धि लाता है.
जानेें कितने बजे शुरू होगी अष्टमी तिथि
ज्योतिषाचार्य आशिमा शर्मा के अनुसार इस साल 13 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 24 मिनट से शुरू होगी और 14 अक्टूबर की सुबह 11 बजकर 9 बजे तक रहेगी. अहोई अष्टमी का पर्व तारों के दर्शन और पूजा से जुड़ा होता है इसलिए 13 अक्टूबर का दिन ही अहोई अष्टमी के रूप में मनाया जाएगा.
पूजा का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस साल अहोई अष्टमी के दिन अहोई माता की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 53 बजे से लेकर शाम 7 बजकर 8 मिनट तक रहेगा. इस समय के दौरान पूजा की जा सकती है.
तारों के निकलने का समय
अहोई अष्टमी के व्रत का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है तारे निकलने के बाद उनका दर्शन. 13 अक्टूबर को शाम 7 बजकर 32 मिनट पर तारे निकलेंगे. माताएं इसी समय तारे देख कर उन्हें अघ्र्य दे सकती हैं.