बेंगलुरुलीक्स… देश के लिए खुशियों भरा एक और दिन। भारत का आदित्य-एल-1 सूर्य की ओर रवाना। सूरज के रहस्यों का पता चल सकेगा। पृथ्वी से 15 लाख किमी दूर लैंगरेज प्वॉइंट पर पहुंचेगा।
आदित्य-एल-1 11.50 पर सफलता पूर्वक प्रेक्षेपित

श्रीहरिकोटा से आदित्य-एल-1 11.50 पर सफलता पूर्वक प्रेक्षेपित किया गया। आदित्य का सफल प्रेक्षेपण के पल-पल का लाइव प्रसारण दिखाया गया।

फहराए तिरंगे
आदित्य-एल-1 की सफलता पर इसरो के बाहर खड़े सैकड़ों लोगों ने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को फहरा कर खुशी का इजहार किया।

ऑर्बिट में पहुंचने का समय 63.19 मिनट का समय

सूर्य की यात्रा पर गए आदित्य-एल-1 को रॉकेट 19500 किमी दूर ऑर्विट में छोडेगा। इसमें कुल 63 मिनट 9 सैकेंड का समय लगेगा।
चार माह में पूरा होगा सफर

सूर्य की यात्रा के दौरान करीब चार माह के बाद आदित्य एल- 1 पृथ्वी से 15 लाख किमी दूर लैंगरेज प्वॉइंट पर पहुंचेगा, इस प्वांट से ग्रहण का प्रभाव नहीं पड़ता है। इस वजह से आदित्य सूरज का अध्ययन आसानी से कर सकेगा। आदित्य अभी तक सफलता पूर्वक अपने रास्ते बढ़ता जा रहा है।