आगरालीक्स …आपको सांस लेने में परेशानी है, बच्चों से लेकर युवा और बुजुर्ग स्पायरोमेट्री की जांच करा सकते हैं, इससे पता चल जाता है कि अस्थमा तो नहीं है।

आगरा में विश्व अस्थमा दिवस के अवसर पर मंगलवार को सिकंदरा स्थित चिरंजीवी नर्सिंग होम पर फिजीशियन व श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ चंदन कुमार द्वारा निशुल्क चिकित्सा कैंप व जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दमा तथा सांस के मरीजों की निशुल्क जांच की गई । स्पायरोमेट्री द्वारा फेफड़ों की क्षमता आंकी गई l इस अवसर पर डॉ चंदन कुमार ने बताया कि बच्चों में दमा के बढ़ने का मुख्य कारण घर के अंदर खेलने की प्रवृत्ति है l इससे बच्चे में लगातार धूल का नाक में आना-जाना दरिया कारपेट के द्वारा या जो रोएं वाले मुलायम खिलौने होते हैं , वह है । पालतू जानवर व पशु पक्षी के रोएं से भी एलर्जी के कारण दमा बच्चों में हो जाती है। कई बार तो अगर आप का गार्डन है जिसमें फूलों के मौसम में जो परागकण उड़ते हैं वह भी एक मुख्य कारण देखा गया है । इसका मुख्य उपचार इनहेलर थेरेपी ही है, लेकिन लोग ऐसा समझते हैं कि इसकी आदत पड़ जाती है जो कि बिल्कुल गलत है । इस तरीके से दवा लेने में दवा की मात्रा बहुत हद तक बहुत कम हो जाती है तथा जल्दी फायदा मिलता है और साइड इफेक्ट भी नगण्य होता है ।