आगरालीक्स….बांकेबिहारी कॉरिडोर के लिए 148 दुकानों व घरों का होगा अधिग्रहण. 250 करोड़ रुपये से खरीदी जाएगी जमीन. तीन रास्ते बनेंगे. जानिए मंदिर के कोष में कितना है पैसा और कितने में बनेगा कॉरिडोर
वृंदावन में सरकार द्वारा प्रस्तावित श्रीबांकेबिहारी कॉरिडोर को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिल गई है. पांच एकड़ में बनने वाले इस कॉरिडोर में एक बार में 10 हजार श्रद्धालु रुक सकेंगे. इसके साथ ही कॉरिडोर बनने के बाद पर्यटन उद्योग को पंख लगने की पूरी उम्मीद है. जिस तरह काशी विश्वनाथ कॉरिडोर से वहां श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हुआ है, वैसा ही कुछ यहां भी होगा. इससे पर्यटन हब के रूप में विकसित करने का रास्ता भी सुगम होगा. कॉरिडोर निर्माण के बाद से किसी भी श्रद्धालुओं को असुविधा नहीं होगी और आसानी से आराध्य के दर्शन होंगे.जमीन अधिग्रहण में होंगे 250 करोड़ खर्च, मंदिर कोष में 360 करोड़ रुपये
एक अनुमान के अनुसार पांच एकड़ में प्रस्तावित बांकेबिहारी कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रमण में करीब 250 करोड़ रुपये खर्च होंगे. सुप्रीम कोर्ट की अनुमति है कि जमीन अधिग्रहण में मंदिर के कोष का इस्तेमाल किया जा सकता है, ऐसे में 31 मार्च 2025 तक मंदिर कोष में करीब 360 करोड़ रुपये है. वहीं कॉरिडोर की लागत ममें करीब 650 करोड़ रुपये खर्च होने के आसार हैं. इसमें 148 मकान व प्रतिष्ठान गलियारे के दायरे में आएंगे.
प्रस्तावित कॉरिडोर के तहत मंदिर की ओर जाने के लिए तीन रास्ते होंगे. एक मुख्य रास्ता जुगलघाट से सीधा मंदिर तक पहुंचेगा. एक रास्ता विद्यापीठ चौराहे से आएगा और तीसरा रास्ता जादौन पार्किंग से आएगा, इसे वीआईपी मार्ग कहा जाता है. यह रास्ते करीब 20 से 25 मीटर तक चौड़े होंगे. यमुना की ओर से जो रास्ता आएगा वो 2100 वर्गमीटर क्षेत्र में होगा. इस रास्ते से आने वाले लोगों के लिए कॉरिडोर को दो हिस्सों में विकसित किया जाएगा. एक निचला हिस्सा होगा तो दूसरा उससे करीब 3.5 मीटर ऊपर होगा जिस पर जाने के लिए रैंप बनाया जाएगा. दोनों ही हिस्सों में जूता घर, समान घ्ज्ञर, प्रसाधन और पेयजल सुविधा के साथ शिशु देखभाल कक्ष, चिकित्सा कक्ष, वीआईपी कक्ष और तीर्थयात्रियों के लिए प्रतीक्षालय बनाया जाएगा.
एक साथ चार मंदिरों के होंगे दर्शन
कॉरिडोर प्रांगण में भक्तजन ठाकुर श्रीबांकेबिहारी के साथ चार और मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे. इसमें राधा गोपाल मंदिर, राधा बिहारी मंदिर और केशव जू मंदिर सहित गौडिया मठ भी शामिल होगा. कॉरिडोर में इन मंदिरों के प्राचीन स्वरूप के साथ ही भव्यता प्रदान की जाएगी.