आगरालीक्स (13th September 2021 Agra News)… किश्त जमा नहीं करने पर बैंक कर रहे व्यापारियों का उत्पीड़न. लॉकडाउन में तबाह हो गए व्यापारी. नीलामी का विज्ञापन छपने पर दहशत में व्यापारी.
जिला प्रशासन को दिया ज्ञापन
आगरा उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिला प्रशासन को अपनी पीड़ा बताई। केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन दिया। प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने कहा कि लॉकडाउन के कारण उद्योग और व्यापार बुरी तरह प्रभावित रहे हैं। बाजार बंद रहने के कारण पैसे की आमद लगातार घटी है। व्यापारी, उनके कर्मचारी और उनके परिवारवाले कोरोना की चपेट में आए। ऐसे में बैंको की किश्त और ब्याज समाज से जमा नहीं कर सके। अब बैंकों के ऋण खाते एनपीए होने की कगार पर हैं।

व्यापारी समाज में दहशत
महानगर अध्यक्ष नरेश कुमार पांडेय ने कहा कि अब बैंकों की ओर से प्रतिदिन समाचार पत्रों में व्यापारियों की संपत्ति के कब्जे और नीलामी के विज्ञापन प्रकाशित हो रहे हैं। इन्हें पढ़कर व्यापारी समाज में दहशत है। उन्होंने मांग की कि मार्च 2020 के बाद बैंकों की किश्त और ब्याज देर से जमा होने के कारण एनपीए होने वाले एकाउंट को 31 मार्च 2022 तक का समय दिया जाए। खातों को नियमित करने के लिए दिए जाने के आदेश पारित करवाया जाए।
बैंक ब्याज माफ किए जाएं
उन्होंने मांग की कि लॉकडाउन के समय के बैंक ब्याज माफ किए जाएं। इसके अलावा लिमिट की नवीनीकरण के लिए कागजातों की रिसीविंग व्यापारी को बैंक अधिकारी कागजात जमा करते समय दें। इसके अलावा बैंक में करंट अकाउंट खोलते समय जीएसटी सर्टिफिकेट की अनिवार्यता समाप्त की जाए।