आगरालीक्स…आगरा के एक अपार्टमेंट की सुखद कहानी, छह महीने पहले बदहाल अपार्टमेंट में अब स्वीमिंग पूल में बच्चे मस्ती कर रहे हैं, पार्क में बुर्जुग टहल रहे हैं। महिलाओं की मेहनत रंग लाई।
आगरा में 17 साल पहले 2006 में भावना एस्टेट सोसाइटी बनी जिसमें 450 परिवार रहते हैं. छह महीने पहले तक इस सोसाइटी के हालात कुछ ज्यादा ही खराब थे, यहां बना पूल कई सालों से बंद पड़ा हुआ था. पार्क में गंदगी पसरी थी और कूड़े के ढेर भी थे लेकिन सोसाइटी की रहने वाली महिलाओं ने अपने प्रयासों से पूरी सोसाइटी के हालात अब बदलकर रख दिए हैं. अब स्वीमिंग पूल में बच्चे मस्ती कर रहे हैं तो वहीं पार्क में बुजुर्ग टहल रहे हैं. ये सिर्फ महिलाओं की ही मेहनत है जिनके प्रयासों से उनकी यह सफलता रंग लाई है.

छह महीने पहले ये थे हालात
छह महीने पहले सोसाइटी में नालियां टूटी पड़ी थी. पार्क की हालत बदहाल थी और यहां कूड़ा फेंका जा रहा था. पूल कई सालों से बंद पड़ा हुआ था जिससे यहां दुर्गंध आती रहती थी. अपार्टमेंट की महिलाओं ने सोसाइटी के क्षत—विक्षत हालात को देखा तो उनसे रहा नहीं गया. इसके लिए भावना एस्टेट महिला कल्याण समिति की स्थापना कर पूरी सोसाइटी की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया गया. सबसे पहले टूटी पड़ी नालियों की मरम्मत का कार्य किया गया, इसके बाद पौधे लगाए गए. पार्कों में बच्चों के झूले और बुजुर्गों के बैठने के लिए बैंच लगाई गईं. यही नहीं कई सालों से बंद पड़े स्वीमिंग पूल को शुरू कराये जाने का कार्य भी किया गया. स्वीमिंग पूल शुरू हो जाने से यहां के रहने वाले लोगों में खुशी की लहर है. यहां के निवासियों का कहना है कि तपती धूप में विगत कई वर्षों से जोखिम उठाकर बच्चों को बाहर स्वीमिंग कराने ले जाने के लिए महिलाओं को जाना पड़ता था, जिससे उनको बढ़ी राहत मिली है.

भावना एस्टेट महिला कल्याण समिति के साथ यहां की महिलाएं भी बढ़चढ़कर सोसाइटी के सौंदर्यीकरण में हिस्सा ले रही हैं. इसके लिए यहां के पुरुष भी पीछे नहीं हैं. वे भी पूरा साथ दे रहे हैं. यहां की महिलाओं का कहना था कि पिछले कई सालों से जो कार्य संचालित तीन सोसाइटियों द्वारा नहीं किया गया वो कार्य महिला संगठन द्वारा किए गए हैं.