आगरालीक्स… (शरद यादव) आगरा की फतेहपुर सीकरी विधानसभा सीट पर भाजपा की जीत फंस रही है। भाजपा को सपा-रालोद गठबंधन से सीधी चुनौती मिल रही है। हाथी भी दम दिखा रहा है। ऐन मौके पर कोई बड़ा उलट-फेर नहीं हुआ तो यहां सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
भाजपा को चौ. बाबूलाल की कद्दावर छवि का फायदा
फतेहपुर सीकरी सीट पर भाजपा ने इस बार पुराने दिग्गज और प्रदेश सरकार में मंत्री रहे चौ. उदयभान सिंह का टिकट काटकर कद्दावर नेता चौ. बाबूलाल को मैदान में उतारा है। जाट बाहुल्य इस सीट पर भाजपा के अपने वोटों के अलावा चौ. बाबूलाल भी समाज में अच्छी पकड़ रखते हैं। जनता की लड़ाई में भी सामने आते हैं। ब्राह्मण, वैश्य समाज पर भी पैंठ है। एक बार वह निर्दलीय भी विजय पताका पहरा चुके हैं।
भाजपा की जीत में हैं कई रोड़े
भाजपा की जीत में कई बाधाएं आ रही हैं किसान पृष्ठभूमि के लोगों को रुझान सपा-रालोद की तरफ झुक रहा है। चौ. उम्मेद सिंह का टिकट काटे जाने से भी एक तबके में नाराजगी बनी हुई है। भाजपा के टिकट पर चौ. बाबूलाल पहली बार मैदान में उतरे हैं लेकिन वह इन्हें पूरी तरह पचा नहीं पा रहे हैं।

अक्खड़ छवि की भी सता रही चिंता
क्षेत्र के लोगों का मानना है कि चौ. बाबूलाल की छवि अक्खड़ नेता की है, जिसे कुछ शिक्षित और युवा वर्ग गले नहीं उतार पा रहा है। कुल मिलाकर इस सीट पर इस बार मुकाबला रोमांचक ही होगा।
सपा-रालोद के ब्रिजेश की खुद की मेहनत व जयंत की छवि से मिल रहा फायदा
सपा-रालोद गठबंधन से ब्रिजेश चाहर भाजपा को सीधी टक्कर देते नजर आ रहे हैं। ब्रिजेश काफी समय से क्षेत्र मे जनसमस्याओँ को लेकर लड़ाई लड़ने में आगे रहे हैं। साथ ही जाट मतदाताओँ का रुझान इस बार जयंत चौधरी की ओर भी खासा झुक रहा है।
मुस्लिम के साथ अन्य वर्ग के वोटरों का भी झुकाव
गठबंधन प्रत्याशी को सीट पर बड़ी संख्या में मुस्लिम वोटों का भी भरोसा है। गठबंधन प्रत्याशी को इस सीट पर ठाकुर, ब्राह्मण, वैश्य समाज के कुछ वोटों का झुकाव का भी लाभ मिल रहा है।
बसपा का अपना वोट बैंक तो पक्का पर अन्य वर्गों से सहयोग की कमी रही खल
बसपा से फतेहपुर सीकरी को फतह करने की जिम्मेदारी डा. मुकेश कुमार राजपूत को सौंपी गई है। बसपा का इस सीट पर पिछले तीन चुनावों में खासा दबदबा रहा है। बसपा का इस सीट पर जाटव समाज का वोट भी काफी संख्या मे है, जो हर बार दूसरे दलों को चुनौती देता रहा है।
बसपा को चाहिए अन्य वर्गों को बड़ा समर्थन
बसपा इस सीट पर जो कमी खलती नजर आ रही है, उसमें उसे ब्राह्मण, ठाकुर, वैश्य समाज के वोटों का उतना समर्थन मिलता नजर नहीं आ रहा है, जो जीत के रास्ते पर ला सके। इस बार बसपा के वोट बैंक में गठबंधन के प्रत्याशी की सैंध पूरी तरह से नजर आ रही है।
कांग्रेस कर रही खानापूर्ति, पांच दशक से सूखा
कांग्रेस ने इस सीट से जाट प्रत्याशी हेमंत चाहर को मैदान में उतारा है। कांग्रेस को उम्मीद है कि इस सीट पर कांग्रेस के अपने वोटों के अलावा मुस्लिमों और दलितों के वोट भी उसके पक्ष में आएंगे। प्रत्याशी के जाट होने से कुछ वोट काट भी सकते हैं। लेकिन इस सीट पर कांग्रेस का पत्ता 45 साल से साफ है।
पिछले पांच चुनाव में फतेहपुर सीकरी फतह करने वाले सूरमा
वर्ष 2017 चौधरी उदयभान सिंह भाजपा
वर्ष 2012 सूरजपाल सिंह बसपा
वर्ष 2007 सूरजपाल सिंह बसपा
वर्ष 2002 चौधरी बाबूलाल रालोद
वर्ष 1996 चौधरी बाबूलाल निर्दलीय
खास-खास
-फतेहपुर सीकरी सीट पर कुल मतदाता 3,55,998
-फतेहपुर सीकरी सीट पर युवा मतदाता 5,061
-मतदान करने वाले लड़कों की संख्या 2632
-मत करने वाले लड़कियों की संख्या 2429