आगरालीक्स ….(Budget Analysis 2023 )आम बजट से आगरा की टूरिज्म इंडस्ट्री में आएगा जबरदस्त बूम, अर्थशास्त्री शरदचंद्र भारद्वाज से जानें आम बजट से आगरा को क्या मिला…

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2023 पेश किया। आगरा कॉलेज में अर्थशास्त्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर शरदचंद्र भारद्वाज ने आम बजट की आगरालीक्स डॉट कॉम के लिए समीक्षा की। उन्होंने बताया कि आम बजट में पर्यटक को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं की घोषणा की गई है। दुनिया भर के पर्यटकों के लिए आगरा ताजमहल के लिए घूमने के लिए प्रमुख डेस्टिनेशन है, इस लिहाज से आगरा की टूरिज्म इंडस्टी में बूम आएगा। (Agra Tourism Industry)
स्वदेश दर्शन स्कीम के लिए चुने गए 50 डेस्टिनेशन
आम बजट में घोषणा में 50 डेस्टिनेशन को स्वदेश दर्शन स्कीम के लिए चुना गया है। इसके तहत एक ऐप विकसित किया जाएगा, इसमें डेस्टिनेशन से जुड़ी सभी जानकारी होंगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलने से रोजगार भी मिलेगा।
आगरा और मथुरा में विकसित किए जाएंगे नए पर्यटन स्थल
उत्तर प्रदेश सरकार ने भी पर्यटन क्षेत्र को बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है। आगरा के ताजमहल, किला, फतेहपुरसीकरी के अलावा अन्य पर्यटन केंद्रों को टूरिज्म की दृष्टि से विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। सिकंदरा, एतमादउद्दौला आदि आगरा के ऐतिहासिक इमारतों पर पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश के सीएम योगी के अलावा पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ठा. जयवीर सिंह इसके लिए घोषणाएं भी कर चुके हैं।
धार्मिक स्थलों का भी रखा गया है खासा ध्यान
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटन के साथ-साथ धार्मिक स्थलों पर टूरिज्म के लिहाज से बढ़ावा दिया जा रहा है। आगरा के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के अलावा मथुरा के धार्मिक स्थलों को लेकर काम शुरू कर दिया गया है, जिससे इन क्षेत्रों की स्थिति में और सुधार आ सकेगा।
मनरेगा की अनदेखी अखरी
उन्होंने कहा कि आम बजट में इस बार मनरेगा के बारे में बिलकुल चर्चा नहीं होना काफी अखरा है। मनरेगा सरकार की ऐसी स्कीम है, जिससे मजदूर वर्ग के लोगों को काफी राहत मिलती रही है। नोटबंदी के समय हुई विषम परिस्थिति और कोरोना काल में इस स्कीम से लोगों को राहत मिली थी।
नई शिक्षा नीति की भी अनदेखी
नई शिक्षा नीति पर भी ध्यान नहीं दिया गया है, जबकि इस कार्य के लिए अतिरिक्त क्लासें, कंप्यूटर लैब, लैपटॉप आदि पर काफी खर्चा आएगा।
असंगठित क्षेत्र के इन लोगों पर भी ध्यान दें
उन्होंने असंगठित क्षेत्र के ऐसे लोगों को भी आयकर के दायरे में लाने की जरूरत जताई, जो जमीन के कारोबार से जुड़े हैं लेकिन आयकर के दायरे में नहीं आते हैं। यदि यह असंगठित वर्ग आयकर के दायरे में आता है तो राजस्व बढ़ने के साथ मध्यम वर्ग पर आयकर का बोझ और कम हो सकेगा।