आगरालीक्स…. आगरा में मंदी के दौर से गुजर रही शू इंडस्ट्री को राहत मिली है, रोजगार बढ़ेगा,बजट में लेदर को ड्यूटी फ्री आईजीसीआर लिस्ट में शामिल कर लिया गया है। ( Budget 2024 : Leather Export may increase in Agra )
बजट से मिली बड़ी राहत
1 गीले नीले और क्रस्ट चमड़े पर निर्यात शुल्क 40% से घटाकर 20% कर दिया गया है। इससे देश से मूल्यवर्धित प्रसंस्कृत चमड़े के निर्यात में सुविधा होगी, क्योंकि वैश्विक बाजार में इन चमड़े की भारी मांग है।
2 लेदर पर 10% ड्यूटी हटाने की थी जो मान ली गई है, लेदर को ड्यूटी फ्री आईजीसीआर लिस्ट में शामिल कर लिया गया है एक ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत निर्यात के लिये ड्यूटी फ्री इंपोर्ट किया जा सकता है।
लेदर के निर्यात में वृद्धि की उम्मीद : पूरन डावर
पूरन डावर, अध्यक्ष एफमेक का कहना है कि हमारी मुख्य मांग लेदर पर 10% ड्यूटी हटाने की थी जो मान ली गई है, लेदर को ड्यूटी फ्री आईजीसीआर लिस्ट में शामिल कर लिया गया है एक ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत निर्यात के लिये ड्यूटी फ्री इंपोर्ट किया जा सकता है। वेटब्लू और क्रस्ट लेदर के निर्यात पर 40% एक्सपोर्ट ड्यूटी थी जिसे 20% कर दिया गया है। लेदर का एक्सपोर्ट 2 बिलियन डॉलर से घट कर 500 मिलियन डॉलर तक गिर गया है लेदर के निर्यात में वृद्धि हो सकती है।
जीएसटी की जानी चाहिए थी खत्म -कुलदीप कोहली
-कुलदीप कोहली, अध्यक्ष, एफएफएम का कहना है कि फुटवियर उद्योग के लिए सबसे बड़ी चुनौती रही जीएसटी, आज के बजट में भी अपरिवर्तित है। सिर्फ जूते पर 12% जीएसटी के कारण, 100 रुपये की बाथ रूम चप्पल खरीदने वाले ग्राहक को भी 12 रुपये का भुगतान करना पड़ रहा है। यह तब हो रहा है जब टीडीएस काटने के बाद वेतन का भुगतान किया जाता है। परिधान के साथ जूते भी एक आवश्यकता है, दोनों उद्योगों को एक ही मापदंड से क्यों नहीं संभाला जा सकता। फुटवियर उद्योग साल दर साल गिरता जा रहा है। आगरा में फुटवियर सबसे बड़ा रोजगार प्रदाता है, फिर भी फुटवियर उद्योग को हमेशा नजरअंदाज किया जाता है।
-कुलदीप कोहली, अध्यक्ष, एफएफएम