आगरालीक्स…इंटरनेशनल बायर-सैलर सम्मेलनएवं प्रदर्शनी में 10 देशों के 40 खरीदारों ने दिखाई रुचि। यूपी को एक ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का प्रयास।
इंटरनेशनल बायर-सैलर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के सहयोग से जेपी होटल एंड कन्वेशन सेंटर में द्वितीय इंटरनेशनल बायर-सैलर मीट एवं प्रदर्शनी के दूसरे दिन के आयोजन का शुभारंभ मुख्य अतिथि उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने एवं कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने दीप प्रज्जवलित कर दिया।
किसानों के उत्पाद मिनटों में विदेशों में जा सकेंगेः सिंह
इस दौरान उद्यान मंत्री ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए संगठित होकर कार्य करने से ताकत बढ़ती है। उन्होंने कहा कि देश की माटी के साथ देश-प्रदेश का स्वास्थ्य, कृषि व अर्थव्यवस्था का स्वास्थ्य कैसा हो, इसी संकल्प के साथ हम सब यहां जुटे हैं। बहुत जल्द वह दिन आएगा जब किसान अपने उत्पाद को मिनटों में विश्व के बाजार में ले जा सकेगा। हमारा प्रयास जारी है जब गुणवत्तापरक उत्पाद हम विश्व बाजार में अच्छी मूल्य पर दे सकेंगे।
किसानों के मीट के उद्देश्यों से अवगत कराया
उन्होंने विस्तार से किसानों के होने वाले लाभों के बारे में बताते हुए मीट के उद्देश्यों को बताया। बुलंदशहर के दो किसानों की गाजर की खेती तथा झांसी की महिला हिमानी बुंदेला द्वारा जंगली बेर की खेती का उदाहरण देकर किसानों को प्रेरित किया।
एक ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का अच्छा प्रयासः शाही
मुख्य अतिथि सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि यूपी को एक ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाए जाने के लिए इंटरनेशनल मीट को एक अच्छा प्रयास है। पीएम मोदी द्वारा निर्धारित लक्ष्य में अपना उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर रहे।
आलू की फसल में है भारी संभावनाएः शाही
उन्होंने बताया कि 245 लाख मीट्रिक टन आलू उत्पादन होता है 02 हजार कोल्ड स्टोरेज में 1.65 लाख मीट्रिक टन भंडारण होता है। शेष को हम खाने तथा बीज में प्रयोग करते हैं 100 से 125 लाख मीट्रिक टन सरप्लस उत्पादन हमारे पास रहता है, यदि अच्छे बीज से गुणवत्तापूर्ण उत्पादन किया जाए तथा विश्व बाजार में पहुंचाया तो आलू की फसल में भारी संभावना है।
कार्यक्रम में यह रहे मौजूद
कार्यक्रम में विधायक डॉ. धर्मपाल, मनोज कुमार सिंह कृषि उत्पादन आयुक्त, अतुल कुमार सिंह, निदेशक उद्यान, अंजनी कुमार सिंह, डायरेक्टर मंडी बोर्ड तथा अंजनी कुमार श्रीवास्तव, मैनेजिंग डायरेक्टर यूपी स्टेट हॉर्टिकल्चरल कॉपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन मौजूद रहे।
इससे पहले अतिथियों द्वारा सम्मेलन स्थल पर लगी 40 से अधिक स्टॉल का निरीक्षण किया तथा उत्पादकों से उनके प्रॉडक्ट तथा एक्सपोर्ट आदि की जानकारी प्राप्त की।