आगरालीक्स…सीबीएसई 10वीं की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार होगी. नई शिक्षा नीति के तहत बोर्ड ने दी मंजूरी. क्या होंगे नियम और कब—कब होंगी परीक्षा
सीबीएसई शैक्षणिक सत्र 2025 से साल में दो बाद 10वीं की बोर्ड परीक्षा आयोजित करने वाला है. बोर्ड ने एनईपी के तहत नए मानदंडों को मंजूरी दे दी है. अगले साल से 10वीं की सीबीएसई बोर्ड परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाएगी. पहली परीक्षा फरवरी में होगी और दूसरी परीक्षा मई में होगा. यह जानकारी परीक्षा नियंत्रण् संयम भारद्वाज ने दी है. पहले चरण में सभी की उपस्थिति अनिवार्यकक्षा 10के छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षा के पहले चरण में सभी को उपस्थित होना अनिवार्य है. दूसरा चरण यानी दूसरी परीक्षा वैकल्पिक होगी. आंतरिक मूल्यांकन केवल एक बार किया जाएगा. इसके तहत यदि किसी छात्र के अंक पहली परीक्षा यानी फरवरी में होने वाली परीक्षा में कम रह जाते हैं तो वह दूसरे चरण यानी मई में होने वाली दूसरी परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करके सुधार कर सकेगा. संयम भारद्वाज ने कहा कि पहले चरण की परीक्षा का परिणाम अप्रैल में और दूसरे चरण की परीक्षा का परिणाम जून में घोषित किया जाएगा. पहला चरण अनिवार्य होगा जबकि दूसरा चरण वैकल्पिक होगा. छात्रों को विज्ञान, गणित, समाजिक विज्ञान और भाषाओं में से किसी तीन विषयों में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने की अनुमति होगी.
इस संबंध में अप्साध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम छात्रों के तनाव को कम करने में सहायक हो सकता है क्योंकि दो बार परीक्षा होने से उन्हें अपनी गलतियों को सुधारने और बेहतर अंक प्राप्त करने का दूसरा अवसर मिलेगा। हालांकि, विषय बदलने की अनुमति न होना दोनों परीक्षाओं में एक महत्वपूर्ण बिंदु है, जो छात्रों को अपनी सुविधा और तैयारी के अनुसार निर्णय लेने की स्वतंत्रता देगा। कुल मिलाकर यह सीबीएसई का एक सकारात्मक और छात्र-केंद्रित निर्णय प्रतीत होता है, जो छात्रों को बेहतर अवसर प्रदान करेगा और उन्हें शिक्षा के प्रति एक स्वस्थ दृष्टिकोण अपनाने में मदद करेगा।
हमें ज्ञात है कि सत्र 25-26 की परीक्षा इस बार दो बार होगी। पहले तो जब मैंने इस विषय में सुना तो परेशान हो गया कि एक बार की बोर्ड परीक्षा का ही इतना टेंशन होता है और अब तो दो बार देनी होगी। लेकिन जब शांति से मैंने इस पर विचार किया, तब मुझे लगा कि यह तो छात्रों के हित में लिया गया निर्णय है क्योंकि दूसरी परीक्षा अनिवार्य नहीं है। कभी-कभी किसी आकस्मिक दुर्घटना या परिस्थिति के कारण अगर किसी विषय की प्रथम परीक्षा ठीक से नहीं दे सके, तो बिना किसी तनाव या अवसाद के अच्छे से तैयार करके दूसरी परीक्षा के द्वारा अपने परिणाम में संशोधन कर सकेंगे। मैं सीबीएसई के द्वारा छात्रों के हित में लिए गए इस निर्णय की प्रशंसा करता हूँ।
अविरल जायसवाल
कक्षा - दस
प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल
सत्र 25-26 की बोर्ड परीक्षा इस बार दो बार ली जाएगी। जब हमारे विद्यालय में हमें इस विषय में बताया गया । यह निर्णय छात्रों छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव है। अब हमें फरवरी मार्च में अपनी पहली मुख्य परीक्षा देनी होगी। अगर किसी कारणवश हमारे अंक उम्मीद के मुताबिक नहीं आते, तो हमें मई में एक और मौका मिलेगा -सुधार परीक्षा का। सबसे अच्छी बात यह है कि जिस परीक्षा में हमारे अंक ज्यादा होंगे, वही अंतिम मानी जाएगी। यह सुविधा वैकल्पिक होगी, जिसका मतलब है कि हम पर दूसरी परीक्षा देने का कोई दबाव नहीं होगा। यह निश्चित रूप से हमारे लिए एक अच्छा निर्णय लिया गया है ।कुल मिलाकर यह छात्रों के तनाव को कम करने के लिए सीबीएसई द्वारा उठाया गया सकारात्मक कदम है। मुझे लगता है कि यह छात्रों के लिए एक अच्छा अवसर है अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने का।
नाइशा छोंकर
कक्षा - दस
प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल

