आगरालीक्स.. आगरा में डॉक्टरों ने एसिडिटी का इलाज बताया, कहा कि एसिडिटी का इलाज बहुत आसान है, इसके लिए ब्रेक फास्ट हैवी व रात में हल्का खाना खाएं। यदि आपको एसिडिटी व गैस के इसके कारण सीने में दर्द व चलन की समस्या है तो चाय, कॉफी से तौबा कर लें। यह कहना था गैस्ट्रो सर्जन डॉ. हिमांशु यादव का। वह होटल क्लार्क-शीराज में क्लब 35 प्लस द्वारा आयोजित वर्कशॉप में अपना व्याख्यान दे रहे थे।
कहा कि पेट में भारीपन, दर्द, उल्टी जैसा महसूस होना, छाती में दर्द व जलन की समस्या को अक्सर लोग हृदय से जोड़कर देखते हैं। यह गैस व एसीडिटी सम्बंधी समस्या भी हो सकती है। यदि इस तरह के लक्षण महीने में कई बार महसूस होते है तो इसका इलाज जरूरी है। इलाज का प्रथम चरण है अपनी लाइफ स्टाइल को सुधारना। एक बार में 4-5 रोटी खाने के बजाय इसे तीन-चार बार में खाएं। सुबह का नास्ता हैवी व रात का डिनर हल्का करें। ज्यादा तेलीय, तीखा और जंक फूड से बचें। चाय, कॉफी व कोल्ड ड्रिंक भी इस समस्या में नुकसानदायक है। फेट के साथ कार्बोहाइड्रेट को भी कंट्रोल करना जरूरी है। खाना खाने के तुरंत बाद लेटे नहीं। कुछ देर बैठे या भी टहलें। डॉ. हिमांशु का परिचय रेनबो हॉस्पीटल के निदेशक डॉ. नरेन्द्र मल्होत्रा ने दिया। अतिथियों का स्वागत अशु मित्तल ने किया। इस अवसर पर मोनिका अग्रवाल, मीनाक्षी मोहन, आशु जैन, मयूरी मित्तल, लवली कथूरिया, उषा अग्रवाल, सुधा कपूर, दीक्षा वर्मा, नीतू खन्ना, रेनू भगत, राशि गर्ग आदि मौजूद थीं।
खाना चबाकर खाने से दूर होती है अपच की समस्या
डायटीशियन डॉ. रचना अग्रवाल ने बताया कि खाना जबाकर खाने से उसमें हमारे मुंह की लार (सलाइवा) अच्छी तरह मिक्स हो जाता है। सलाइवा युक्त भोजन जब हमारी आंतों में पहुंचता है तभी पाचन एंजायम क्रियाशील होकर भोजन को टीक तरह पचा पाते हैं। इसलिए भोजन को अच्छी तरह से चबा कर खाएं। चाहे वह केला, चावल जैसा सोफ्ट फूड ही क्यों न हो। भोजन को अच्छी तरह चबाने से हमारे मसूड़े व दांत बी स्वस्थ रहते हैं। ताजा नींबू काटकर खाने में प्रयोग करने से यह एसीडिटी की समस्या को दूर करता है जबकि हवा में आक्सीडाइज होने पर वह एसीडिटी की समस्या को बढ़ा देता है।