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On #UPCM @yadavakhilesh instructions, DM/SSP Mathura has been transferred. New incumbents will join soon.
मथुरा के जवाहर बाग क्लैश में एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष यादव शहीद हो गए हैं। वहीं, 27 उपद्रवियों की मौत हो चुकी है। इस मामले में एसएसपी राजेश कुमार डीएम राजेश मीना पर सवाल उठे थे। मीडिया में खबरे आने पर सीएम अखिलेश यादव ने जांच के बाद आगे की कार्रवाई के लिए कहा था। पहले जांच आगरा के कमिश्नर प्रदीप भटनागर को दी गई, इसके बाद जांच अलीगढ के कमिश्नर को सौंप दी गई। रविवार को अलीगढ के कमिश्नर ने मथुरा पहुंचकर जांच की, पुलिस और स्थानीय लोगों के बयान लिए गए। साथ ही जवाहर बाग में जाकर स्थिति को देखा, इसके साथ ही मीडिया को भी अंदर जाने की अनुमति दे दी गई। इसके बाद से जवाहर बाग में रामवृक्ष यादव के कारनामों से पर्दा उठता गया। इस पर सवाल उठने लगे कि इतना सब कुछ जवाहर बाग में होने के बाद भी एसएसपी और डीएम क्या कर रहे थे।
दो साल में बदले दो डीएम और तीन एसएसपी
मथुरा के जवाहर बाग में पिछले 2 साल से रामवृक्ष ने 3 हजार लोगों के साथ कब्जा कर रखा था। इन 2 सालों में वहां के डीएम और एसएसपी ने उसे हटाने की पूरी कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हुए। इस दौरान दो डीएम और तीन एसएसपी बदल गए। …
इस तरह हटाने की हुई कोशिश
– साल 2014 में मथुरा के डीएम विशाल चौहान ने रामवृक्ष को 2 दिन के लिए जवाहरबाग में धरना की अनुमति दी थी। इसके बाद तो वह वहीं जम गया और अपने समर्थकों की भीड़ जुटाने लगा। इस दौरान उसने जयगुरुदेव को अगवा किए जाने की अपील जिला जज में दाखिल कर उनके वर्तमान उत्तराधिकारी पंकज यादव, रामप्रताप सिंह और उमांकात तिवारी को प्रतिवादी बना दिया। जवाहरबाग खाली करने की बात पर उसने अफसरों से साफ कह दिया कि उनका मामला अदालत में चल रहा है। जब तक इसका फैसला नहीं आएगा, जवाहर बाग में उनका पड़ाव जारी रहेगा।
फोर्स को बना लिया था बंधक
2014 में डीएम विशाल चौहान ने तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट हेम सिंह और एसओ सदर प्रदीप पांडेय को कब्जा हटवाने जवाहरबाग भेजा। यहां रामवृक्ष के गुंडों ने फोर्स और अफसरों को बंधक बना लिया। इसके तुरंत बाद डीएम और एसएसपी अखिलेश मीणा का ट्रांसफर कर दिया गया।
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कोतवाल की पिटाई
इस घटना के बाद चंद्रकला और अखिलेश मीणा के आदेश पर एसपी सिटी मनोज सोनकर, सीओ सिटी अनिल कुमार यादव जवाहरबाग गए। बाग में घुसते ही अफसरों को रामवृक्ष के गुंडों ने घेर लिया और कोतवाल कुंवर सिंह यादव की पिटाई कर दी, डीएम चंद्रकला ने 15 फरवरी 2015 को प्रमुख सचिव गृह को लेटर लिखा। इसमें कहा गया था, जवाहरबाग में कब्जा जमाए लोगों की संख्या 5 से 6 हजार तक है। इनके पास असलहे भी हैं, जिसका वे कभी भी इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन इस पर शासन ने गंभीरता नहीं दिखाई।
इसके बाद डीएम चंद्रकला और एसएसपी नितिन तिवारी का ट्रांसफर कर दिया गया।
एसएसपी मंजिल सैनी का भी हुआ ट्रांसफर
एसएसपी मंजिल सैनी ने रामवृक्ष के 3 गुर्गों को पकड़कर मुकदमा दर्ज किया और जेल भेज दिया। जवाहरबाग खाली करवाने के लिए एडीजी लॉ एंड ऑर्डर से पुलिस फोर्स मांगी। ये डिमांड करते ही मंजिल सैनी का ट्रांसफर हो गया। उनकी जगह राकेश सिंह को नया एसएसपी तैनात किया गया।
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