आगरालीक्स.. आगरा में बडी कार्रवाई, पुलवामा के शहीद के परिजनों के जुटाए गए फंड के दुरुपयोग में अधिकारी सस्पेंड, सीएम कार्यालय द्वारा टिवीट कर कहा गया है कि जिला विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप पर पुलवामा आतंकी हमले में जनपद निवासी शहीद के परिजनों की मदद हेतु विभागीय कर्मचारियों द्वारा जुटाए गए चंदे की राशि के दुरुपयोग के आरोपों की जांच में आरोप सही पाए जाने पर निलंबन के निर्देश दिए गए हैं।
किया गया सस्पेंड
सीएम कार्यालय के दूसरी टिवीट में कहा गया है कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति जारी है। भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोपों की जांच के बाद आगरा के जिला विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप को निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह है मामला
शहीद के परिवार की आर्थिक मदद के लिए जिला विकास कार्यालय के कर्मचारियों ने एक-एक दिन का वेतन दिया। 15 ब्लॉक व डीडीओ दफ्तर के करीब 150 कर्मचारियों से 2.70 लाख रुपये एकत्र हुए। तत्कालीन लेखाकार ने 21 फरवरी 2019 को 2.70 लाख रुपये का बैंक डिमांड ड्राफ्ट शहीद की पत्नी ममता रावत के नाम से बैंक ऑफ बड़ौदा से बनवाया। लेखाकार मुकेश भारद्वाज ने बताया कि जब मैंने डीडीओ को शहीद की पत्नी के नाम का डीडी दिया, तो उन्होंने मुझसे कहा कि पैसा कैश दिया जाएगा। मुझसे डीडी की जगह नकद पैसा लाने के लिए कहा। मैंने 23 फरवरी को डीडी कैश कराते हुए 2.70 लाख रुपये जिला विकास अधिकारी देवेन्द्र प्रताप को सौंप दिए। इस पैसे का डीडीओ व्यक्तिगत रूप से इस्तेमाल करते रहे। शहीद की पत्नी को पैसा नहीं दिया। फिर 20 अगस्त 2019 को जब मैंने इस पैसे के बारे में डीडीओ से पूछा, तो वह नाराज हो गए। मुझसे अभद्र व्यवहार किया। मुझे लेखाकार के पद से रिवर्ट करते हुए डीपीआरओ कार्यालय में क्लर्क पद पर ट्रांसफर कर दिया, जबकि लेखाकार के ट्रांसफर का अधिकार सिर्फ डीएम को होता है।लेखाकार मुकेश भारद्वाज ने बताया कि मेरे लगातार शिकायत करने के बाद 26 अगस्त 2019 को करीब छह माह बाद वह पैसा कर्मचारियों को डीडीओ ने वापस किया। आर्थिक मदद के लिए एकत्र धनराशि के छह माह तक दुरुपयोग का मामला था। उन्होंने कहा कि मैंने तीन सितंबर 2019 को मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव से शिकायत की। मुख्य सचिव ने ग्राम विकास विभाग के विशेष सचिव अशोक कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया। विशेष सचिव को जांच में भ्रष्टाचार व चंदा की राशि के दुरुपयोग का आरोप सही मिला।
आगरा के शहीद कौशल किशोर रावत हुए शहीद
फरवरी 2019 को आगरा के कहरई गांव के कौशल किशोर रावत (48) सीआरपीएफ में नायक (एएसआई) के पद पर तैनात थे। वह 115 बटालियन में सिलिगुड़ी में नियुक्त थे। कुछ दिन पहले ही कश्मीर में 76 बटालियन में तैनाती हुई थी। इसमें ज्वाइन करने के लिए ही पहुंचे थे कि आतंकी हमला हो गया।
किसान गीताराम राकेश के बहादुर बेटे कौशल किशोर की नई बटालियन में ज्वाइनिंग गुरुवार को ही होनी थी। वह इसी के लिए जा रहे थे। इससे पहले सड़क पर बर्फ जमी होने के कारण काफिला जा नहीं पा रहा था। ज्वाइनिंग के दिन ही उनकी शहादत हो गई।